अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात से संचालित पांच अलग-अलग जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनों ने महज 13 महीनों में 32 लाख यात्रियों को सफर कराया है। 1 जनवरी 2025 से 31 जनवरी 2026 के बीच इतनी बड़ी संख्या में यात्रियों का इन ट्रेनों को चुनना यह दिखाता है कि ये सेवाएं राज्य में तेज, सुविधाजनक और भरोसेमंद यात्रा का मजबूत विकल्प बन चुकी हैं। यह जानकारी वेस्टर्न रेलवे के हालिया अपडेट में सामने आई है।
रिपोर्ट के मुताबिक कुछ रूट्स पर यात्रियों की प्रतिक्रिया इतनी जबरदस्त रही कि क्षमता से ज्यादा बुकिंग दर्ज की गई। मुंबई-अहमदाबाद-मुंबई वंदे भारत में करीब 140% ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई। वहीं अहमदाबाद-ओखा सेवा में 90% और साबरमती-जोधपुर वंदे भारत में 81% से ज्यादा सीटें भरी रहीं। अहमदाबाद-मुंबई रूट खासतौर पर प्रोफेशनल्स और फ्रीक्वेंट ट्रैवलर्स की पसंद बनकर उभरा है।
रेलवे अधिकारियों का मानना है कि यात्री केवल तेज रफ्तार की वजह से ही नहीं, बल्कि बेहतर आरामदायक सुविधाओं के कारण भी वंदे भारत को चुन रहे हैं। ट्रेनों में एर्गोनोमिक कोच, रिक्लाइनिंग सीटें और पर्याप्त लेगरूम जैसी सुविधाएं लंबी दूरी की यात्रा को ज्यादा आरामदायक बनाती हैं। स्वच्छता, समयपालन और सुरक्षा मानकों को लेकर भी यात्रियों की सकारात्मक प्रतिक्रिया दर्ज की गई है।
इसके अलावा ट्रेनों में मल्टीपल चार्जिंग पॉइंट्स, इंफोटेनमेंट सिस्टम और प्री-पैक्ड मील्स के साथ रीजनल मेन्यू जैसी कैटरिंग सेवाएं भी उपलब्ध हैं। यही वजह है कि इंडियन रेलवेज के लिए यह उपलब्धि खास मानी जा रही है। महज 13 महीनों में 32 लाख यात्रियों का आंकड़ा पार करना वाकई एक बड़ी सफलता है।