अहमदाबाद न्यूज डेस्क: उदयपुर में रेल कनेक्टिविटी को लेकर एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव सामने आया है, जिसमें अहमदाबाद में लंबे समय तक खाली खड़ी रहने वाली ट्रेनों का विस्तार उदयपुर तक करने की मांग की गई है। इस मांग का मुख्य उद्देश्य मेवाड़-वागड़ क्षेत्र को बेहतर कनेक्टिविटी प्रदान करना और पर्यटन को नई गति देना है। इस संबंध में शहर के सुरेश डवारा ने सांसद मन्नालाल रावत को विस्तृत प्रस्ताव सौंपा है।
ट्रेनों के विस्तार से बढ़ेगी कनेक्टिविटी
प्रस्ताव में उन ट्रेनों को चिन्हित किया गया है जो अहमदाबाद में काफी समय तक खाली खड़ी रहती हैं, जिससे रेलवे को राजस्व का नुकसान होता है।
लोकशक्ति एक्सप्रेस (22927-22928): यह ट्रेन अहमदाबाद में करीब 16 घंटे तक खड़ी रहती है। इसे उदयपुर तक बढ़ाने से यात्रियों को मुंबई के लिए एक और सुविधाजनक विकल्प मिलेगा।
गुजरात मेल एक्सप्रेस (12901-12902): यह ट्रेन अहमदाबाद में लगभग 17 घंटे तक खड़ी रहती है। यदि इसका विस्तार उदयपुर तक होता है, तो क्षेत्र की रेल सुविधाओं में काफी सुधार होगा।
अन्य प्रमुख मांगें और सुझाव
कनेक्टिविटी को सुदृढ़ करने के लिए प्रस्ताव में कई अन्य महत्वपूर्ण सुझाव भी दिए गए हैं:
उदयपुर-मैसूर एक्सप्रेस (19667-19668): वर्तमान में सप्ताह में एक बार चलने वाली इस ट्रेन को प्रतिदिन संचालित करने की मांग की गई है।
नई अमृत भारत ट्रेन: उदयपुर और मुंबई के बीच एक नई अमृत भारत ट्रेन शुरू करने का सुझाव दिया गया है।
धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा: उदयपुर से धनबाद के लिए एक नई ट्रेन शुरू करने का प्रस्ताव है, जो पारसनाथ और सम्मेद शिखर जैसे प्रमुख जैन तीर्थ स्थलों को जोड़ेगी।
रतलाम-उदयपुर एक्सप्रेस में बदलाव: गाड़ी संख्या 19327/19328 का प्रस्थान समय रात के बजाय सुबह 6 बजे करने और इसे भोपाल तक बढ़ाने का सुझाव दिया गया है, ताकि उज्जैन जैसे तीर्थ स्थलों की कनेक्टिविटी बेहतर हो सके।
प्रस्ताव के संभावित लाभ
इन सुझावों पर अमल होने से न केवल उदयपुर के पर्यटन उद्योग को पंख लगेंगे, बल्कि मेवाड़ और वागड़ क्षेत्र के लोगों को देश के प्रमुख शहरों से सीधा जुड़ाव मिलेगा। साथ ही, रेलवे के लिए यह अतिरिक्त राजस्व का बड़ा जरिया साबित हो सकता है। अब देखना यह है कि इन मांगों पर रेलवे प्रशासन और जनप्रतिनिधि किस प्रकार का निर्णय लेते हैं।