ताजा खबर
​अहमदाबाद: बायोमेट्रिक डेटा के जरिए फैक्ट्री कर्मचारी से 1.1 लाख की ठगी   ||    ​GTU की नई पहल: छात्रों को मिलेगी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मुफ्त ट्रेनिंग   ||    ​नकली मुद्रा रैकेट: 'योग गुरु' की जमानत याचिका खारिज   ||    ​अहमदाबाद नगर निगम चुनाव: भाजपा की ऐतिहासिक जीत   ||    टाटा ट्रस्ट्स का बड़ा फैसला! ट्रस्टियों के कार्यकाल में नहीं होगा बदलाव, सरकारी अध्यादेश ने बदली रणन...   ||    भारत के डेटा इकोसिस्टम में बड़ा कदम, मुकेश अंबानी यहां कर रहे हैं 1.6 लाख करोड़ का मेगा निवेश   ||    IPL 2026 आरसीबी की ऐतिहासिक जीत हेजलवुड और भुवनेश्वर की धारदार गेंदबाजी के सामने दिल्ली कैपिटल्स 75 ...   ||    ​उदयपुर हत्याकांड: इलाज कराने अहमदाबाद गए 10-10 हजारी दो हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, प्राइवेट पार्ट की चो...   ||    ​बुलेट ट्रेन अपडेट: साबरमती नदी पर 12 मंजिल की ऊंचाई पर दौड़ेगी ट्रेन, 118 फीट ऊंचे पुल का काम अंतिम...   ||    ITR Filing Alert टैक्स भरने में चालाकी पड़ेगी भारी! सरकार वसूलेगी दोगुना पैसा, तुरंत जान लें ये नियम   ||   

​नकली मुद्रा रैकेट: 'योग गुरु' की जमानत याचिका खारिज

Photo Source : Google

Posted On:Tuesday, April 28, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: यह मामला एक कथित "आध्यात्मिक गुरु" प्रदीप जोतंगिया से जुड़ा है, जिसकी जमानत याचिका अहमदाबाद की एक सत्र अदालत ने खारिज कर दी है। जोतंगिया पर सूरत में एक बड़े नकली नोट (FICN) रैकेट को चलाने का आरोप है। कोर्ट का मानना है कि यह भारतीय अर्थव्यवस्था को कमजोर करने की एक "आपराधिक साजिश" है।

​इस पूरे घटनाक्रम के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:

​गिरफ्तारी और जब्ती

​बरामदगी: पुलिस ने जोतंगिया और उनके साथियों के पास से 2.10 करोड़ रुपये मूल्य के नकली नोट बरामद किए। ये सभी नोट 500 रुपये के मूल्यवर्ग के थे।

​पहचान का दुरुपयोग: जिस SUV से ये लोग जा रहे थे, उसकी नंबर प्लेट पर 'आयुष मंत्रालय' लिखा हुआ था, ताकि पुलिस की चेकिंग से बचा जा सके।

​छापेमारी: सूरत स्थित जोतंगिया के 'श्री सत्यम योग फाउंडेशन' आश्रम और अन्य ठिकानों पर छापेमारी की गई, जहाँ से नोट छापने के उपकरण और अतिरिक्त नकली मुद्रा बरामद हुई।

​रैकेट के पीछे की तकनीक और रणनीति

​पुलिस जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने काफी पेशेवर तरीके से काम किया:

​कच्चा माल: उन्होंने चीन के एक ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सुरक्षा धागे (security thread) वाला उच्च गुणवत्ता वाला कागज आयात किया था।

​क्रिप्टोकरेंसी का उपयोग: इस कागज का भुगतान क्रिप्टोकरेंसी के माध्यम से किया गया था ताकि लेन-देन का पता न लगाया जा सके।

​प्रशिक्षण: आरोपी ने यूट्यूब वीडियो देखकर नकली नोट छापने और आयुर्वेद के जरिए लोगों का "इलाज" करने का तरीका सीखा था।

​बिजनेस मॉडल: वे इन नकली नोटों के बंडल एजेंटों को कुल मूल्य के 30% पर बेचते थे।

​अपराध का उद्देश्य

​प्रदीप जोतंगिया ने पुलिस को बताया कि वह आर्थिक तंगी से जूझ रहा था और एक नया आश्रम बनाना चाहता था। इस नए आश्रम के लिए फंड जुटाने के उद्देश्य से उसने अपने शिष्यों से मिले 30 लाख रुपये के दान का उपयोग नकली नोट छापने की मशीनें और सॉफ्टवेयर खरीदने में किया।

​अदालत की टिप्पणी

​अहमदाबाद सत्र न्यायालय के न्यायाधीश जयेशकुमार पटेल ने जमानत नामंजूर करते हुए कहा कि जांच अभी जारी है और एफएसएल (FSL) रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि नोट नकली थे। कोर्ट ने इसे देश की आर्थिक स्थिरता के खिलाफ एक गंभीर अपराध माना है।

​वर्तमान में जोतंगिया अहमदाबाद की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है और पुलिस अन्य फरार आरोपियों की तलाश कर रही है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.