अहमदाबाद न्यूज डेस्क: देश के पहले बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट (मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर) से एक रोमांचक अपडेट सामने आया है। गुजरात के अहमदाबाद में साबरमती नदी पर बन रहा रेल ब्रिज अपनी भव्यता और इंजीनियरिंग के कारण चर्चा में है। नेशनल हाई-स्पीड रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (NHSRCL) के अनुसार, यह पुल लगभग 36 मीटर (118 फीट) की ऊंचाई पर बनाया जा रहा है, जो एक 12 मंजिला इमारत के बराबर है।
साबरमती रिवर ब्रिज की मुख्य विशेषताएं:
रणनीतिक स्थिति: यह 480 मीटर लंबा पुल अहमदाबाद और साबरमती बुलेट ट्रेन स्टेशनों के बीच स्थित है। यह साबरमती स्टेशन से मात्र 1 किलोमीटर और अहमदाबाद स्टेशन से 4 किलोमीटर की दूरी पर है।
इंजीनियरिंग का कमाल: पुल के सभी 8 वृत्ताकार पियर्स (खंभे) का निर्माण पूरा हो चुका है। इन पियर्स का व्यास 6 से 6.5 मीटर है और इनकी अपनी ऊंचाई 31 से 34 मीटर के बीच है।
निर्माण तकनीक: गहरे पानी और लंबी दूरी के स्पैन के लिए इसमें 'बैलेंस्ड कैंटिलीवर' (Balanced Cantilever) विधि का उपयोग किया जा रहा है। इसमें 76 मीटर के 5 और 50 मीटर के 2 स्पैन शामिल हैं, जिन्हें साइट पर ही निर्मित (In-situ) किया जा रहा है।
पर्यावरण का ध्यान: पियर्स का डिजाइन इस तरह तैयार किया गया है कि नदी के प्राकृतिक जल प्रवाह में न्यूनतम बाधा आए।
प्रोजेक्ट की समयसीमा:
मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड कॉरिडोर का काम युद्धस्तर पर जारी है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के अनुसार, बुलेट ट्रेन का संचालन 15 अगस्त 2027 को शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है। यह पुल न केवल इस रूट का एक महत्वपूर्ण हिस्सा होगा, बल्कि यात्रियों को 12 मंजिल की ऊंचाई से साबरमती नदी का विहंगम दृश्य भी प्रदान करेगा।