अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद नगर निगम चुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें भारतीय जनता पार्टी ने 192 में से 160 सीटों पर कब्जा जमाकर एकतरफा जीत हासिल की है। इस बड़ी जीत के साथ शहर की सत्ता पर भाजपा की पकड़ और भी मजबूत हो गई है। दूसरी ओर, कांग्रेस पार्टी केवल 32 सीटों पर सिमट कर रह गई है। गौर करने वाली बात यह है कि चुनाव परिणाम आने से पहले ही वासना और थलतेज वार्ड में भाजपा के दो उम्मीदवार निर्विरोध जीत चुके थे।
इस बार का चुनाव काफी दिलचस्प रहा क्योंकि इसमें भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के बीच त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। भाजपा ने 190, कांग्रेस ने 185 और 'आप' ने 151 उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। मतदान के दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल जैसे बड़े नेताओं ने भी अहमदाबाद में अपना वोट डाला। साल 2005 से ही इस नगर निगम पर भाजपा का राज रहा है और इस बार के नतीजों ने उस सिलसिले को बरकरार रखा है।
पूरे गुजरात में यह चुनावी प्रक्रिया काफी व्यापक स्तर पर आयोजित की गई थी। 26 अप्रैल को राज्य के 15 नगर निगमों, 84 नगर पालिकाओं, 34 जिला पंचायतों और 260 तालुका पंचायतों के लिए मतदान हुआ था। लोकतंत्र के इस बड़े उत्सव में लगभग 9,992 प्रतिनिधियों की किस्मत दांव पर लगी थी। राज्य चुनाव आयोग ने मतदान को शांतिपूर्ण और सुरक्षित तरीके से संपन्न कराने के लिए 48,000 पोलिंग स्टेशनों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए थे।
अगर पिछले चुनावों से तुलना करें, तो भाजपा ने 2021 के प्रदर्शन में सुधार किया है, जहां उसने 159 सीटें जीती थीं। पिछली बार कांग्रेस ने 25 और एआईएमआईएम ने 7 सीटें हासिल की थीं। इस बार की प्रचंड जीत दिखाती है कि स्थानीय राजनीति में सत्ताधारी दल का दबदबा कायम है। अब सभी की निगाहें इन नए चुने गए प्रतिनिधियों पर हैं कि वे शहर के विकास और जनसुविधाओं को किस दिशा में ले जाते हैं।