जापान के आइची-नागोया में खेले जा रहे 20वें एशियाई खेलों में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम के लगातार दूसरा स्वर्ण पदक (Back-to-Back Gold Medal) जीतने के अभियान में अनुभवी ऑलराउंडर अक्षर पटेल की भूमिका सबसे निर्णायक मानी जा रही है। जापान की बेहद धीमी और टर्न लेती पिचों पर अब तक खेले गए मुकाबलों में स्पिनरों का दबदबा देखने को मिला है। शुरुआती मैचों में भारतीय बल्लेबाजों को जापानी गेंदबाजों के खिलाफ संघर्ष करते देखा गया, जिसके बाद मध्यक्रम और निचले क्रम में अक्षर पटेल के अनुभव तथा नियंत्रण की महत्ता अत्यधिक बढ़ गई है।
105 टी-20 अंतरराष्ट्रीय मैचों का विशाल अनुभव रखने वाले अक्षर पटेल ने जापान के खिलाफ पिछले रोमांचक मुकाबले के पांचवें महत्वपूर्ण ओवर में महज 7 रन देकर मैच का पासा भारत के पक्ष में मोड़ दिया था। कप्तान श्रेयस अय्यर और कार्यवाहक हेड कोच वीवीएस लक्ष्मण के लिए अक्षर पटेल पावरप्ले तथा डेथ ओवरों में सबसे भरोसेमंद विकल्प बनकर उभरे हैं। वाशिंगटन सुंदर की लय में कमी और रवि बिश्नोई के संघर्ष के बीच, स्पिन आक्रमण की अगुवाई का पूरा दारोमदार अब अक्षर के कंधों पर आ गया है।
गेंदबाजी के साथ-साथ सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए अक्षर को टीम के लिए बहुमूल्य पारियां भी खेलनी होंगी। एशियाई खेलों के नॉकआउट मुकाबलों में मजबूत एशियाई टीमों का सामना करने के लिए अक्षर पटेल का ऑलराउंड प्रदर्शन भारत को स्वर्ण पदक की दहलीज तक पहुंचाने में सबसे बड़ी कुंजी साबित होगा।