अहमदाबाद न्यूज डेस्क: ऑक्सफोर्ड इकोनॉमिक्स के ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद ने दुनिया के 1,000 शहरों में 571वां स्थान हासिल किया है। भारत की रैंकिंग में शहर 15वें नंबर पर रहा। यह इंडेक्स शहरों की अर्थव्यवस्था, मानव पूंजी, जीवन की गुणवत्ता, पर्यावरण और सुशासन जैसे पांच प्रमुख पैमानों के आधार पर तैयार किया गया है। विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के बीच अहमदाबाद की आर्थिक गतिविधियों को इस रैंकिंग में खास जगह मिली है।
भारतीय शहरों में दिल्ली 268वें स्थान के साथ सबसे आगे रही। इसके बाद बेंगलुरु 311वें और मुंबई 320वें नंबर पर रहे। गुजरात के दूसरे शहरों की बात करें तो सूरत को 697वां, वडोदरा को 702वां और राजकोट को 824वां स्थान मिला। अहमदाबाद ने अर्थव्यवस्था के मामले में 379वीं और मानव पूंजी में 347वीं रैंक हासिल की, जबकि सुशासन में शहर 415वें स्थान पर रहा।
हालांकि, जीवन की गुणवत्ता और पर्यावरण के मामले में अहमदाबाद की रैंकिंग काफी नीचे रही। क्वालिटी ऑफ लाइफ में शहर 881वें और पर्यावरण में 795वें स्थान पर रहा। पर्यावरण के आकलन में हवा की गुणवत्ता, कार्बन उत्सर्जन, प्राकृतिक आपदाओं का खतरा और तापमान व बारिश में होने वाले बदलाव जैसे पहलुओं को शामिल किया गया। रिपोर्ट में अहमदाबाद और सूरत को ‘इमर्जिंग स्टैंडआउट्स’ में भी जगह दी गई है। इस श्रेणी में उन विकासशील देशों के शहरों को शामिल किया गया है, जो अपने राष्ट्रीय औसत से बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
रिपोर्ट में आने वाले वर्षों में एशियाई शहरों की बढ़ती आर्थिक भूमिका पर भी जोर दिया गया है। चीन और भारत के शहर बड़ी आबादी, उत्पादकता और आय में बढ़ोतरी के दम पर 2050 तक वैश्विक विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दिल्ली, शंघाई और बीजिंग में 2050 तक जीडीपी में बड़ी बढ़ोतरी की संभावना है, जबकि बेंगलुरु वैश्विक तकनीकी केंद्र के तौर पर अपनी स्थिति मजबूत कर सकता है। गुजरात के विशेषज्ञों का कहना है कि अहमदाबाद की रैंकिंग शहर में जीवन स्तर सुधारने और पर्यावरण से जुड़े बुनियादी ढांचे पर ज्यादा निवेश की जरूरत भी दिखाती है।