ऑनलाइन हेल्थ या लाइफ इंश्योरेंस प्लान सर्च करते समय अनचाही स्पैम कॉल्स और मैसेजेस से परेशान होने वाले ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर है। भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (IRDAI) ने डिजिटल इंश्योरेंस प्लेटफॉर्म्स द्वारा इस्तेमाल किए जाने वाले 'डार्क पैटर्न' (Dark Patterns) पर रोक लगाने का बड़ा फैसला किया है। इरडा ने अपने नए ड्राफ्ट दिशानिर्देशों में साफ किया है कि कंपनियों को केवल प्रीमियम दरें और पॉलिसी फीचर्स दिखाने के लिए ग्राहकों से अनिवार्य रूप से 10 अंकों का मोबाइल नंबर व पर्सनल डिटेल्स मांगना बंद करना होगा।
डिजिटल प्लेटफॉर्म्स द्वारा ग्राहकों को बिना मर्जी के निजी जानकारी साझा करने के लिए मजबूर करना केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (CCPA) के नियमों का उल्लंघन माना गया है। नए ग्राहक-केंद्रित (Customer-Centric) प्रस्तावों के लागू होने के बाद उपभोक्ता अब बिना किसी झंझट या मोबाइल नंबर दर्ज किए विभिन्न कंपनियों के इंश्योरेंस प्लान्स, कवरेज और सटीक प्रीमियम दरों की पारदर्शी तुलना कर सकेंगे।
जब तक ग्राहक खुद किसी पॉलिसी को खरीदने का अंतिम मन बनाकर व्यक्तिगत विवरण दर्ज नहीं करेगा, तब तक उसका संपर्क विवरण कंपनियों या थर्ड-पार्टी एजेंट्स के पास नहीं जाएगा। इरडा के इस कदम से बीमा खरीदारों को जबरन फोन कॉल्स से आजादी मिलेगी और वे बिना किसी बाहरी दबाव के अपने लिए सही बीमा पॉलिसी का चयन कर सकेंगे।