अहमदाबाद न्यूज डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बल्क टर्मिनल का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। यह आधुनिक टर्मिनल हुगली नदी के किनारे बनाया गया है और इसे हर साल लगभग 4 मिलियन मीट्रिक टन सूखे बल्क कार्गो को संभालने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। यह पूरी तरह स्वचालित सुविधा है और इसमें सीधे रेलवे कनेक्शन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पूर्वी समुद्री मार्ग में माल ढुलाई को नया आधार मिलेगा।
यह टर्मिनल हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत विकसित किया गया है, जो श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता का हिस्सा है। परियोजना को 30 वर्ष की रियायत अवधि के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसे अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड द्वारा तय समयसीमा के भीतर तैयार किया गया, जिससे कंपनी की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता भी सामने आई।
रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस टर्मिनल को आयातित कोयला और अन्य सूखे बल्क माल जैसे बॉक्साइट और चूना पत्थर संभालने के लिए तैयार किया गया है। भारत के पूर्वी तट से लगभग 60 प्रतिशत सूखे बल्क आयात होते हैं, इसलिए यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के इस्पात, एल्युमिनियम और ऊर्जा उद्योगों के लिए बेहद अहम साबित होगा। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तेज़ी से हो सकेगी।
परियोजना के तहत 2000 टन क्षमता वाली रेलवे वैगन लोडिंग प्रणाली, 1.54 किलोमीटर लंबी समर्पित रेलवे लाइन, आधुनिक कन्वेयर सिस्टम, दो स्टैकर-कम-रिक्लेमर मशीनें और दो मोबाइल हार्बर क्रेन स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं की मदद से जहाज से उतारा गया माल सीधे रेलवे वैगनों में लोड होकर मुख्य रेल मार्ग से जुड़ सकेगा, जिससे बंदरगाह पर लगने वाला समय और परिवहन लागत दोनों कम होंगे। यह परियोजना केंद्र सरकार के सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की परिकल्पना को भी मजबूती देती है।