अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर अब शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने लगा है। गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के हॉस्टल मेस को चलाना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि मेस प्रबंधन को गैस की जगह पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है।
मेस संचालक नरेश जोशी के अनुसार पहले रोजाना दो एलपीजी सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब सप्लायर फोन तक नहीं उठा रहे हैं। तीन दिन पहले किसी तरह दो सिलेंडर मिले थे, उसके बाद से सप्लाई लगभग बंद हो गई है। मजबूरी में मेस परिसर में लकड़ी के चूल्हे बनाकर खाना पकाना शुरू किया गया है, ताकि छात्रों को समय पर भोजन मिल सके।
उन्होंने बताया कि सुबह करीब 150 छात्र और शाम को 150 से 200 छात्र मेस में भोजन करते हैं। पहले जहां कर्मचारी सुबह 7 बजे काम शुरू करते थे, अब उन्हें 5 बजे से ही तैयारी करनी पड़ रही है ताकि खाना समय पर बन सके। नरेश जोशी ने कहा कि पहले सिलेंडर की कीमत 1700–1800 रुपये थी, लेकिन अब वे 2500 से 3000 रुपये तक देने को तैयार हैं, फिर भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।
हॉस्टल में रहने वाले छात्र रंगानी भरासर का कहना है कि अगर मेस बंद हो गया तो छात्रों को बड़ी परेशानी होगी। यहां मात्र 60 रुपये में पौष्टिक और अच्छा भोजन मिल जाता है, जबकि बाहर होटल या ठेलों पर यह महंगा और कम गुणवत्ता वाला हो सकता है। साथ ही बाहर खाना खाने के लिए 2–3 किलोमीटर जाना पड़ेगा, जिससे छात्रों का पढ़ाई का समय भी प्रभावित होगा।