ताजा खबर
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्दिया बल्क टर्मिनल राष्ट्र को किया समर्पित, पूर्वी तट की लॉजिस्टिक्स ...   ||    गैस संकट का असर: अहमदाबाद के एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज मेस में लकड़ी के चूल्हे पर बनने लगा खाना   ||    अहमदाबाद में बुजुर्ग महिला से 47.35 लाख की साइबर ठगी, एनपीसीआई अधिकारी बनकर किया फोन   ||    गोवा ड्रग्स केस में ऑनलाइन सेक्स रैकेट का खुलासा, अहमदाबाद से जुड़े तार   ||    कटिहार के ग्रामीण इलाकों में गैस संकट, कई प्रखंडों में ठप हुई सप्लाई   ||    मेड इन इंडिया बुलेट ट्रेन दौड़ेगी मुंबई-अहमदाबाद रूट पर, 2027 तक शुरू होने की उम्मीद   ||    अहमदाबाद मनपा का कार्यकाल खत्म, 2500 करोड़ के प्रस्ताव पास; IAS मुकेश कुमार बने प्रशासक   ||    अहमदाबाद में T20 वर्ल्ड कप फाइनल का क्रेज: ₹20 हजार का होटल रूम ₹2 लाख तक, फ्लाइट किराया 5 गुना बढ़ा   ||    भारत-न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए दिल्ली से अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन, 19 कोच के साथ आज रात रव...   ||    अहमदाबाद में बनेगा 128 करोड़ का भव्य लोटस पार्क, दिल्ली के लोटस टेम्पल से भी होगा खास   ||   

गैस संकट का असर: अहमदाबाद के एलडी इंजीनियरिंग कॉलेज मेस में लकड़ी के चूल्हे पर बनने लगा खाना

Photo Source : Google

Posted On:Saturday, March 14, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में मध्य पूर्व में चल रहे संघर्ष का असर अब शैक्षणिक संस्थानों तक पहुंचने लगा है। गैस सिलेंडरों की कमी और बढ़ती कीमतों के कारण एलडी कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के हॉस्टल मेस को चलाना मुश्किल हो गया है। हालात ऐसे हो गए हैं कि मेस प्रबंधन को गैस की जगह पारंपरिक लकड़ी के चूल्हों पर खाना बनाना पड़ रहा है।

मेस संचालक नरेश जोशी के अनुसार पहले रोजाना दो एलपीजी सिलेंडर आसानी से मिल जाते थे, लेकिन अब सप्लायर फोन तक नहीं उठा रहे हैं। तीन दिन पहले किसी तरह दो सिलेंडर मिले थे, उसके बाद से सप्लाई लगभग बंद हो गई है। मजबूरी में मेस परिसर में लकड़ी के चूल्हे बनाकर खाना पकाना शुरू किया गया है, ताकि छात्रों को समय पर भोजन मिल सके।

उन्होंने बताया कि सुबह करीब 150 छात्र और शाम को 150 से 200 छात्र मेस में भोजन करते हैं। पहले जहां कर्मचारी सुबह 7 बजे काम शुरू करते थे, अब उन्हें 5 बजे से ही तैयारी करनी पड़ रही है ताकि खाना समय पर बन सके। नरेश जोशी ने कहा कि पहले सिलेंडर की कीमत 1700–1800 रुपये थी, लेकिन अब वे 2500 से 3000 रुपये तक देने को तैयार हैं, फिर भी सिलेंडर उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं।

हॉस्टल में रहने वाले छात्र रंगानी भरासर का कहना है कि अगर मेस बंद हो गया तो छात्रों को बड़ी परेशानी होगी। यहां मात्र 60 रुपये में पौष्टिक और अच्छा भोजन मिल जाता है, जबकि बाहर होटल या ठेलों पर यह महंगा और कम गुणवत्ता वाला हो सकता है। साथ ही बाहर खाना खाने के लिए 2–3 किलोमीटर जाना पड़ेगा, जिससे छात्रों का पढ़ाई का समय भी प्रभावित होगा।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.