अहमदाबाद न्यूज डेस्क: कटिहार जिले के ग्रामीण इलाकों में पिछले एक सप्ताह से रसोई गैस की भारी किल्लत देखने को मिल रही है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्र अहमदाबाद और डंडखोरा हैं, जहां 2 मार्च से गैस की आपूर्ति लगभग ठप हो गई है। अमदाबाद में HP गैस की सप्लाई बंद है, जबकि भारत गैस की गाड़ी सप्ताह में केवल दो दिन पहुंच रही है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में हड़कंप की स्थिति बन गई है।
गैस की कमी के कारण ग्रामीण परिवारों को फिर से पुराने पारंपरिक ईंधन जैसे लकड़ी और उपले के चूल्हों का सहारा लेना पड़ रहा है। डंडखोरा स्थित रिंकी भारत गैस एजेंसी में मार्च की शुरुआत से ही लोडिंग नहीं मिलने के कारण संकट और गहरा गया है। वहीं कड़वा और फलका में होली के बाद स्थिति सामान्य होने का दावा किया गया है, लेकिन नए नियमों के कारण उपभोक्ताओं की परेशानी बढ़ गई है। अब दूसरा सिलेंडर 25 दिन के अंतराल पर ही मिल सकेगा और बुकिंग के लिए ओटीपी अनिवार्य कर दिया गया है।
प्राणपुर की भानु गैस एजेंसी के अनुसार मुख्य डिपो से ही ट्रकों की लोडिंग नहीं मिल रही है, जिससे ड्रॉप जमा होने के बावजूद गोदाम खाली पड़े हैं। आजमनगर की कलावती भारत गैस एजेंसी का कहना है कि मांग की तुलना में केवल आधी आपूर्ति मिल रही है। वहीं शालीमार , बलिया बेलोन और बलरामपुर क्षेत्रों में होम डिलीवरी व्यवस्था लगभग ठप हो गई है, जिससे ग्रामीणों को गैस सिलेंडर लेने के लिए दूर बाजार तक जाना पड़ रहा है।
जिले के आपूर्ति पदाधिकारी सुशील कुमार ने बताया कि सभी प्रखंडों के एमओ को गैस स्टॉक की भौतिक जांच के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने कहा कि 25 दिन वाले नए नियम के कारण कुछ लोग सिलेंडर जमा करने की कोशिश कर रहे हैं, जिन पर प्रशासन नजर रख रहा है। साथ ही जिन उपभोक्ताओं ने ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी नहीं की है, उनकी बुकिंग सिस्टम में स्वीकार नहीं हो रही है। प्रशासन का दावा है कि केवाईसी प्रक्रिया पूरी होते ही आपूर्ति व्यवस्था धीरे-धीरे सामान्य हो जाएगी।