अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के सरदार पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उस समय हड़कंप मच गया जब गुजरात स्टेट एविएशन इंफ्रास्ट्रक्चर कंपनी (गुजसेल) के निदेशक को एक सनसनीखेज धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस मेल में न केवल प्रधानमंत्री और गृहमंत्री को जान से मारने की धमकी दी गई थी, बल्कि गुजसेल परिसर को बम से उड़ाने की बात भी कही गई थी। साइबर क्राइम ब्रांच ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत जांच शुरू की और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर धमकी देने वाले शख्स को दबोच लिया।
पुलिस द्वारा की गई तकनीकी जांच और गूगल से प्राप्त डेटा के आधार पर आरोपी की पहचान 40 वर्षीय भावेश पटेल के रूप में हुई है। साइबर क्राइम ब्रांच की उपायुक्त डॉ. लवीना सिन्हा ने बताया कि भावेश अहमदाबाद एयरपोर्ट पर ही इवेंट मैनेजमेंट का काम करता है। जांच में सामने आया है कि एयरपोर्ट प्रशासन के साथ उसकी कुछ अनबन चल रही थी, जिसे इस मेल के पीछे की एक संभावित वजह माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि क्या यह महज एक व्यक्तिगत खुन्नस थी या इसके पीछे कोई गहरी साजिश है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाली बात आरोपी द्वारा की गई मांग है। भावेश ने अपने ईमेल में सौरभ विश्वास नाम के एक कुख्यात हैकर को जेल से रिहा करने की शर्त रखी थी। सौरभ विश्वास वर्तमान में साबरमती जेल में न्यायिक हिरासत में है और उस पर धमकी भरे ईमेल भेजने के लिए आईडी उपलब्ध कराने जैसे कई आरोप हैं। एक अपराधी को छुड़ाने के लिए देश के शीर्ष नेतृत्व को धमकी देना पुलिस के लिए एक बड़ी पहेली बन गया है, जिसकी गुत्थी सुलझाने के लिए जांच अधिकारी लगातार प्रयास कर रहे हैं।
जांच अधिकारी मित्तल भटेरिया के नेतृत्व में पुलिस की टीम अब भावेश पटेल और हैकर सौरभ विश्वास के बीच के संबंधों की कड़ियां जोड़ रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि क्या भावेश ने यह कदम सौरभ के कहने पर उठाया था या फिर इसके पीछे कोई और गिरोह सक्रिय है। फिलहाल आरोपी पुलिस की गिरफ्त में है और उससे कड़ी पूछताछ की जा रही है ताकि इस धमकी भरे मेल के पीछे के असली मकसद और नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके।