ताजा खबर
​अहमदाबाद: बायोमेट्रिक डेटा के जरिए फैक्ट्री कर्मचारी से 1.1 लाख की ठगी   ||    ​GTU की नई पहल: छात्रों को मिलेगी सेमीकंडक्टर क्षेत्र में मुफ्त ट्रेनिंग   ||    ​नकली मुद्रा रैकेट: 'योग गुरु' की जमानत याचिका खारिज   ||    ​अहमदाबाद नगर निगम चुनाव: भाजपा की ऐतिहासिक जीत   ||    टाटा ट्रस्ट्स का बड़ा फैसला! ट्रस्टियों के कार्यकाल में नहीं होगा बदलाव, सरकारी अध्यादेश ने बदली रणन...   ||    भारत के डेटा इकोसिस्टम में बड़ा कदम, मुकेश अंबानी यहां कर रहे हैं 1.6 लाख करोड़ का मेगा निवेश   ||    IPL 2026 आरसीबी की ऐतिहासिक जीत हेजलवुड और भुवनेश्वर की धारदार गेंदबाजी के सामने दिल्ली कैपिटल्स 75 ...   ||    ​उदयपुर हत्याकांड: इलाज कराने अहमदाबाद गए 10-10 हजारी दो हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, प्राइवेट पार्ट की चो...   ||    ​बुलेट ट्रेन अपडेट: साबरमती नदी पर 12 मंजिल की ऊंचाई पर दौड़ेगी ट्रेन, 118 फीट ऊंचे पुल का काम अंतिम...   ||    ITR Filing Alert टैक्स भरने में चालाकी पड़ेगी भारी! सरकार वसूलेगी दोगुना पैसा, तुरंत जान लें ये नियम   ||   

12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट की प्रक्रिया शुरू, 7 फरवरी तक चलेगा अभियान, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Monday, October 27, 2025

मुंबई, 27 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। बिहार के बाद अब देश के 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में वोटर लिस्ट अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। चुनाव आयोग ने सोमवार को बताया कि इन इलाकों में वोटर लिस्ट का स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन यानी SIR मंगलवार, 28 अक्टूबर से शुरू होकर 7 फरवरी तक चलेगा। इस दौरान नए वोटरों के नाम जोड़े जाएंगे और सूची में मौजूद त्रुटियों को सुधारा जाएगा। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने बताया कि सोमवार रात से ही इन 12 राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की वोटर लिस्ट फ्रीज कर दी जाएगी। यह पूरी प्रक्रिया 103 दिनों तक चलेगी। खास बात यह है कि अगले साल विधानसभा चुनाव वाले पश्चिम बंगाल में भी यह प्रक्रिया लागू होगी, जबकि असम को इससे अलग रखा गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि असम में नागरिकता से जुड़े विशेष नियमों के कारण वहां मतदाता सूची का पुनरीक्षण अलग तरीके से किया जाएगा। जिन राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों में यह प्रक्रिया होगी, उनमें अंडमान निकोबार, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, लक्षद्वीप, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल शामिल हैं।

चुनाव आयोग के मुताबिक, इन 12 राज्यों में करीब 51 करोड़ मतदाता हैं। इस बड़े अभियान में 5.33 लाख बीएलओ (BLO) और सात लाख से ज्यादा बीएलए (BLA) राजनीतिक दलों की ओर से तैनात किए जाएंगे। ये अधिकारी घर-घर जाकर मतदाताओं से जरूरी फॉर्म भरवाएंगे। अगर किसी व्यक्ति का नाम दो जगह दर्ज है तो उसे एक स्थान से हटाया जाएगा। वहीं, जिनका नाम सूची में नहीं है, उन्हें नया नाम दर्ज करवाने का अवसर मिलेगा। SIR प्रक्रिया के दौरान मतदाताओं को अपनी पहचान और निवास की पुष्टि के लिए दस्तावेज देने होंगे। इसके लिए पेंशनर आईडी, पासपोर्ट, 10वीं की मार्कशीट, स्थायी निवास प्रमाणपत्र, जाति प्रमाणपत्र, वन अधिकार पत्र, राष्ट्रीय रजिस्टर (NRC) या परिवार रजिस्टर में नाम, आधार कार्ड, या किसी सरकारी विभाग द्वारा जारी पहचान पत्र मान्य होंगे। चुनाव आयोग का कहना है कि 1951 से 2004 तक इस तरह की प्रक्रिया होती रही है, लेकिन पिछले 21 सालों से यह नहीं हो सकी थी। अब इतने लंबे अंतराल के बाद यह जरूरी हो गया है कि मतदाता सूची को अद्यतन किया जाए ताकि माइग्रेशन, मृत व्यक्तियों के नाम बने रहना, या दो जगह नाम दर्ज होने जैसी गड़बड़ियों को ठीक किया जा सके। इस प्रक्रिया का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी योग्य मतदाता सूची से न छूटे और कोई भी अयोग्य व्यक्ति इसमें शामिल न रहे।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.