आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक होड़ अब एक नए और बेहद खर्चीले दौर में प्रवेश कर चुकी है। इस रेस में सबसे बड़ा धमाका करते हुए AI स्टार्टअप एन्थ्रोपिक (Anthropic) ने गूगल क्लाउड (Google Cloud) के साथ लगभग 200 बिलियन डॉलर (करीब 16.6 लाख करोड़ रुपये) की एक विशाल डील को अंतिम रूप देने का फैसला किया है। अगले पांच वर्षों के लिए किए गए इस समझौते का मुख्य केंद्र क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर और एडवांस्ड AI चिप्स पर भारी निवेश करना है।
यह डील स्पष्ट करती है कि जैसे-जैसे एआई मॉडल्स (जैसे एन्थ्रोपिक का 'Claude') अधिक शक्तिशाली हो रहे हैं, उन्हें चलाने और प्रशिक्षित करने के लिए साधारण सर्वर काफी नहीं हैं। अब इसके लिए हज़ारों गीगावॉट की कंप्यूटिंग पावर और विशेष रूप से डिजाइन की गई चिप्स की जरूरत पड़ रही है। रिपोर्टों के अनुसार, यह डील गूगल की पैरेंट कंपनी अल्फाबेट (Alphabet Inc.) के भविष्य के राजस्व (बैकलॉग) का लगभग 40% हिस्सा कवर कर सकती है। इस खबर के सार्वजनिक होते ही शेयर बाजार में अल्फाबेट के शेयरों में 2% की उछाल देखी गई, जो निवेशकों के बढ़ते भरोसे को दर्शाता है।
एन्थ्रोपिक केवल गूगल पर ही निर्भर नहीं है; कंपनी ने अमेज़न (AWS) और चिप पार्टनर ब्रॉडकॉम (Broadcom) के साथ भी कई गीगावॉट की क्षमता हासिल करने के लिए समझौते किए हैं। दिलचस्प बात यह है कि गूगल खुद एन्थ्रोपिक में 40 बिलियन डॉलर का निवेशक है, लेकिन साथ ही वह AI क्षेत्र में उसका प्रतिद्वंदी भी है। वर्तमान में एन्थ्रोपिक और OpenAI जैसे बड़े खिलाड़ी क्लाउड प्रोवाइडर्स के कुल व्यापार का आधे से अधिक हिस्सा नियंत्रित कर रहे हैं, जो यह साबित करता है कि आने वाले समय में AI ही वैश्विक अर्थव्यवस्था और तकनीक का असली इंजन होगा।