मुंबई, 24 मार्च, (न्यूज़ हेल्पलाइन) अंडा प्रोटीन का एक बेहतरीन स्रोत माना जाता है, लेकिन अक्सर लोग इस बात को लेकर उलझन में रहते हैं कि क्या यह पाचन तंत्र (Gut Health) के लिए सही है। हाल ही में एक प्रसिद्ध गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट (पेट रोग विशेषज्ञ) ने 'इंडियन एक्सप्रेस' के साथ साझा किया कि कैसे कुछ आसान बदलावों के जरिए अंडे को न केवल पौष्टिक, बल्कि पेट के लिए बेहद हल्का और फायदेमंद बनाया जा सकता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, अंडे में कोलीन और विटामिन डी जैसे पोषक तत्व होते हैं, लेकिन इसे बनाने का तरीका आपकी सेहत पर अलग प्रभाव डाल सकता है। यहाँ वे 5 तरीके दिए गए हैं जिनसे आप अंडे को अपनी 'गट हेल्थ' के लिए पावरहाउस बना सकते हैं:
1. हल्दी का गुप्त नुस्खा (The Turmeric Secret)
डॉक्टरों का कहना है कि अंडे बनाते समय एक चुटकी हल्दी मिलाना बहुत फायदेमंद होता है। हल्दी में मौजूद 'करक्यूमिन' सूजन (inflammation) को कम करता है और अंडे के प्रोटीन के साथ मिलकर पाचन को आसान बनाता है।
2. स्वस्थ फैट का चुनाव
अंडे को मक्खन या रिफाइंड तेल के बजाय जैतून के तेल (Olive Oil) या एवोकैडो तेल में पकाना बेहतर है। ये 'मोनोअनसैचुरेटेड फैट्स' पेट की परत को सुरक्षित रखते हैं और खराब कोलेस्ट्रॉल को नहीं बढ़ाते।
3. सब्जियों का मेल (Fiber Boost)
अंडे में फाइबर नहीं होता, जो पाचन के लिए जरूरी है। इसलिए, ऑमलेट या भुर्जी में पालक, शिमला मिर्च, मशरूम या टमाटर जैसी सब्जियां भरपूर मात्रा में डालें। यह मिश्रण पेट में अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ाने में मदद करता है।
4. पकाने की विधि पर ध्यान दें
गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट के अनुसार, बहुत ज्यादा तले हुए अंडे की तुलना में 'पोच्ड' (Poached) या उबले हुए अंडे (Boiled Eggs) पचाने में ज्यादा आसान होते हैं। अत्यधिक तेल में तले हुए अंडे एसिडिटी और भारीपन का कारण बन सकते हैं।
5. फर्मेन्टेड फूड के साथ पेयरिंग
अंडे के साथ थोड़ी मात्रा में किमची या दही जैसी प्रोबायोटिक चीजों का सेवन करना पेट के लिए चमत्कारी साबित हो सकता है। यह न केवल स्वाद बढ़ाता है, बल्कि आंतों के माइक्रोबायोम को भी संतुलित रखता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंडा अपने आप में एक 'सुपरफूड' है, लेकिन इसे सही सामग्री के साथ मिलाकर खाने से आप गैस, ब्लोटिंग और कब्ज जैसी समस्याओं से बच सकते हैं। यदि आप अपनी डाइट में बदलाव करना चाहते हैं, तो इन सुझावों को अपनाकर अपने पाचन तंत्र को मजबूत बना सकते हैं।