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अमेरिकी सरकार ने इंटेल में 10% हिस्सेदारी खरीदी, सब्सिडी के रूप में मिलेगी 8 अरब डॉलर की राशि, जानिए पूरा मामला

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Posted On:Saturday, August 23, 2025

मुंबई, 23 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। अमेरिकी सरकार ने देश की प्रमुख टेक कंपनी इंटेल में 10% हिस्सेदारी लेने का ऐलान किया है। इसके बदले सरकार कंपनी को लगभग 8 अरब डॉलर की सब्सिडी देगी। इस ऐतिहासिक समझौते की जानकारी कॉमर्स सेक्रेटरी हॉवर्ड लुटनिक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा की। उन्होंने लिखा कि अब अमेरिका की सरकार इंटेल जैसी महान टेक कंपनी की मालिक बनेगी। इस कदम से सेमीकंडक्टर सेक्टर में अमेरिकी नेतृत्व मजबूत होगा, देश की अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी और टेक्नोलॉजी सेक्टर को सुरक्षा मिलेगी। इस बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने इस डील को लेकर अलग अंदाज में टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि हाल ही में कंपनी के CEO लिप-बू टैन उनसे मुलाकात के लिए आए थे। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रम्प ने टैन से उनके चीन से कथित संबंधों की वजह से इस्तीफे की बात की थी। लेकिन बातचीत के बाद यह डील हुई और ट्रम्प ने कहा कि CEO अपनी नौकरी बचाने आए थे, लेकिन 10 अरब डॉलर का समझौता कर बैठे।

इंटेल में हिस्सेदारी लेने के पीछे ट्रम्प प्रशासन का उद्देश्य अमेरिका में चिप उत्पादन को बढ़ावा देना है। यह कंपनी अमेरिका की अकेली ऐसी संस्था है जो सबसे तेज और आधुनिक चिप्स बना सकती है। हालांकि, हाल के वर्षों में यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस चिप्स के क्षेत्र में एनवीडिया और AMD जैसी कंपनियों से पिछड़ गई है। इसके अलावा, ओहायो में बन रही इंटेल की बड़ी फैक्ट्री में हो रही देरी भी सरकार की चिंता का कारण रही है। यह प्रोजेक्ट ट्रम्प प्रशासन के लिए आर्थिक और राष्ट्रीय सुरक्षा, दोनों ही नजरिए से अहम है।

ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, यह सौदा 2022 के CHIPS एक्ट के तहत किया गया है। इस एक्ट के प्रावधानों के अंतर्गत कंपनियों को सब्सिडी शेयर के बदले दी जाती है। इंटेल को अब तक इस योजना से 7.8 अरब डॉलर यानी लगभग 68,100 करोड़ रुपए की मंजूरी मिल चुकी है, जिसमें से 2.2 अरब डॉलर पहले ही दिए जा चुके हैं। अब शेष 5.7 अरब डॉलर और कुछ अतिरिक्त फंडिंग को कंपनी के शेयरों में निवेश किया जाएगा। सरकार द्वारा हिस्सेदारी लेने की घोषणा के तुरंत बाद इंटेल का शेयर बाजार में उछाल पर पहुंच गया। कारोबार के दौरान इसमें 7% की तेजी दर्ज की गई और इसका भाव 25 डॉलर के ऊपर निकल गया। हालांकि दिन के अंत में इसमें थोड़ी गिरावट आई और यह 5.53% चढ़कर 24.80 डॉलर पर बंद हुआ। बीते छह महीनों में इंटेल के शेयर में केवल 2.18% की बढ़ोतरी हुई है, जबकि एक साल में यह करीब 20.74% ऊपर गया है। हालांकि पिछले पांच साल में कंपनी का वैल्यूएशन लगभग आधा हो चुका है और इसकी गिरावट करीब 49.68% रही है। वर्तमान में इंटेल का मार्केट कैप करीब 10.85 हजार करोड़ डॉलर यानी लगभग 9,47,269 करोड़ रुपए है।


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