ताजा खबर
यश स्टारर टॉक्सिक पोस्टपोन हुई, एक्टर ने शेयर की एक इमोशनल पोस्ट   ||    वरुण, पूजा और मृणाल ने ‘लाफ्टर शेफ्स 3’ में बढ़ाया एंटरटेनमेंट का लेवल   ||    ईरान में दमन का खौफनाक दौर युद्ध के बीच 21 लोगों को दी गई फांसी, 4000 से अधिक गिरफ्तार; UN ने जताई ग...   ||    जब माँ-बेटा पहुंचे स्टूडियो साथ-साथ: रणबीर कपूर और नीतू सिंह की मुलाकात ने बढ़ाई हलचल   ||    एक तस्वीर, एक शुरुआत और 20 साल का सफर: कंगना रनौत ने शेयर किया पोस्ट   ||    मिलिट्री स्कूल से व्हार्टन तक डोनाल्ड ट्रंप की शैक्षणिक यात्रा और नेतृत्व की नींव   ||    ‘धुरंधर’ की ग्लोबल उड़ान: रणवीर सिंह की स्पाई थ्रिलर अब जापान में मचाएगी धमाल   ||    मध्यप्रदेश में UCC की आहट सीएम मोहन यादव ने गठित की उच्चस्तरीय समिति; जस्टिस रंजना देसाई करेंगी अध्य...   ||    फैमिली वेकेशन पर निकले बिपाशा-करण और बेटी देवी   ||    लेबनान में भूकंप जैसा धमाका इजरायल ने 450 टन बारूद से उड़ाया हिजबुल्लाह का 2 KM लंबा नेटवर्क, अब ड्र...   ||   

मध्यप्रदेश में UCC की आहट सीएम मोहन यादव ने गठित की उच्चस्तरीय समिति; जस्टिस रंजना देसाई करेंगी अध्ययन, जानें क्या बदलेगा

Photo Source :

Posted On:Wednesday, April 29, 2026

मध्यप्रदेश में 'समान नागरिक संहिता' (UCC) को लागू करने की दिशा में डॉ. मोहन यादव सरकार ने एक बड़ा और निर्णायक कदम उठाया है। मुख्यमंत्री ने राज्य के सामाजिक और विधिक ढांचे को एकरूपता देने के लिए एक उच्चस्तरीय विशेषज्ञ समिति के गठन को मंजूरी दे दी है। यह समिति विवाह, तलाक, उत्तराधिकार और लिव-इन रिलेशनशिप जैसे संवेदनशील विषयों पर प्रचलित अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों का अध्ययन कर एक साझा विधिक मसौदा तैयार करेगी।

जस्टिस रंजना देसाई संभालेंगी कमान

समिति की अध्यक्षता सर्वोच्च न्यायालय की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रसाद देसाई को सौंपी गई है, जिनके पास उत्तराखंड में UCC का सफल मॉडल तैयार करने का अनुभव है। समिति में सेवानिवृत्त IAS शत्रुघ्न सिंह, कानूनविद अनूप नायर, शिक्षाविद गोपाल शर्मा और सामाजिक कार्यकर्ता बुधपाल सिंह को शामिल किया गया है। अजय कटेसरिया इस समिति के सदस्य सचिव होंगे।

उत्तराखंड और गुजरात मॉडल का होगा विश्लेषण

मध्यप्रदेश सरकार का मुख्य उद्देश्य नागरिकों के बीच समानता और न्याय-संगतता सुनिश्चित करना है। समिति न केवल मध्यप्रदेश की सामाजिक-सांस्कृतिक विविधताओं का अध्ययन करेगी, बल्कि उत्तराखंड और गुजरात में अपनाई गई प्रक्रियाओं का भी गहन परीक्षण करेगी। समिति का फोकस विशेष रूप से निम्नलिखित बिंदुओं पर होगा:
  • विवाह और विच्छेद: सभी समुदायों के लिए एकसमान नियम।
  • भरण-पोषण और गोद लेना: बच्चों और महिलाओं के अधिकारों की सुरक्षा।
  • लिव-इन रिलेशनशिप: इस व्यवस्था को कानून के दायरे में लाना।

विधिक स्पष्टता की ओर कदम

वर्तमान में अलग-अलग व्यक्तिगत कानूनों के कारण विधिक जटिलताएं पैदा होती हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का मानना है कि एक समरूप विधिक संरचना विकसित होने से शासन और न्याय व्यवस्था में स्पष्टता आएगी। समिति अपनी रिपोर्ट तैयार करने से पहले विभिन्न हितधारकों और समाज के अलग-अलग वर्गों से सुझाव भी ले सकती है, ताकि एक व्यावहारिक और संतुलित सिफारिश पेश की जा सके।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.