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तुर्किए का बड़ा दावा: कॉम्बैट ड्रोन किजिलेल्मा ने सिम्युलेटेड टेस्ट में अमेरिकी F-16 को किया वर्चुअली ध्वस्त

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Posted On:Friday, November 21, 2025

तुर्किए ने अपनी तेजी से विकसित हो रही ड्रोन टेक्नोलॉजी को एक और बड़ी उपलब्धि बताते हुए घोषणा की है कि उसके अत्याधुनिक कॉम्बैट ड्रोन बायराक्तर किजिलेल्मा ने एक हाई-एल्टीट्यूड एयर कॉम्बैट सिम्युलेशन में अमेरिकी F-16 फाइटर जेट को सफलतापूर्वक लॉक कर ‘वर्चुअली नष्ट’ कर दिया। इस सिम्युलेटेड ट्रायल को देश की रक्षा क्षमता में एक मील का पत्थर माना जा रहा है, क्योंकि इससे तुर्किए लंबे समय से चल रहे उन्नत लड़ाकू सिस्टम की दौड़ में स्वयं को मजबूत प्रतिस्पर्धी के रूप में पेश कर रहा है।

कैंपेटिबिलिटी टेस्ट में किजिलेल्मा की बड़ी सफलता

मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, यह परीक्षण तुर्किए वायुसेना के F-16 विमानों के सहयोग से किया गया। इस दौरान ड्रोन के रडार सिस्टम, डेटा लिंक इंटरफेस और मिसाइल लॉन्च कैपेबिलिटी का गहराई से मूल्यांकन किया गया। सिमुलेशन में किजिलेल्मा ने लगभग 30 मील की दूरी पर उड़ रहे F-16 को अपने उन्नत रडार से लॉक किया और फिर वर्चुअल “डायरेक्ट हिट” का सिम्युलेशन सफलतापूर्वक पूरा किया।
यह प्रदर्शन संकेत देता है कि तुर्किए भविष्य में पारंपरिक लड़ाकू विमानों की जगह AI-आधारित स्वायत्त कॉम्बैट सिस्टम विकसित करने की दिशा में गंभीरता से आगे बढ़ रहा है।

1 घंटे 45 मिनट की उड़ान में दिखी स्थिर क्षमता

किजिलेल्मा ने यह ऑपरेशनल उड़ान तुर्किए के कोर्लू स्थित AKINCI टेस्ट सेंटर से भरी।
इस मिशन की अवधि 1 घंटा 45 मिनट रही, जिसके साथ किजिलेल्मा के कुल परीक्षण घंटे बढ़कर 55 घंटे से अधिक हो गए हैं।
टेस्ट मिशन में दो F-16 लड़ाकू विमानों को रडार कैलिब्रेशन और वैलिडेशन के लिए शामिल किया गया, ताकि किजिलेल्मा के सेंसर सिस्टम की क्षमता का वास्तविक तुलना आधारित मूल्यांकन किया जा सके।

AESA रडार और डेटा लिंक—टेस्ट का महत्वपूर्ण हिस्सा

इस परीक्षण की मुख्य तकनीकी उपलब्धि रही मुराद AESA रडार, जिसे तुर्किए की रक्षा इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी ASELSAN ने विकसित किया है।
यह रडार लंबे रेंज में लक्ष्य की पहचान, ट्रैकिंग और लॉकिंग करने में सक्षम है। टेस्ट के दौरान किजिलेल्मा ने:

  • लक्ष्य को ट्रैक किया

  • गोकडोगन BVR मिसाइल का इलेक्ट्रॉनिक लॉन्च सिम्युलेशन किया

  • डेटा लिंक के माध्यम से वायुसेना को रीयल-टाइम में टारगेट डेटा भेजा

इसके बाद सिम्युलेशन सिस्टम ने F-16 को ‘वर्चुअली न्यूट्रलाइज’ घोषित किया।

किजिलेल्मा की खासियत: स्टील्थ + AI + सुपरक्रूज

किजिलेल्मा को तुर्किए का अब तक का सबसे उन्नत कॉम्बैट UAV माना जा रहा है। इसकी प्रमुख विशेषताएँ हैं:

  • स्टील्थ डिजाइन: रडार पर कम दिखाई देना

  • AI आधारित ऑटोनॉमी

  • सुपरक्रूज क्षमता

  • उच्च गतिशीलता और उन्नत मिशन सिस्टम

  • दुश्मन के एयरस्पेस में घुसकर लड़ाकू विमान और AWACS जैसे हाई-वैल्यू टारगेट पर हमला करने की क्षमता

भविष्य में इसे अतिरिक्त पेलोड के साथ अपग्रेड कर इसका स्ट्राइक रेडियस 1,000 किलोमीटर तक बढ़ाने की योजना भी है।

F-35 से बेहतर होने का दावा

किजिलेल्मा के निर्माता बायरकतर इसके प्रदर्शन को अमेरिकी F-35 ज्वाइंट स्ट्राइक फाइटर से बेहतर बताने का दावा भी कर चुके हैं। कंपनी का कहना है कि किजिलेल्मा का भविष्य संस्करण सपर्सोनिक होगा, जिससे यह पारंपरिक फाइटर जेट के सामने भी सीधे मुकाबला करने में सक्षम हो सकता है।

इस उपलब्धि को तुर्किए सरकार अपनी रक्षा स्वायत्तता की दिशा में बड़ा कदम मान रही है। पिछले कुछ वर्षों में तुर्किए ने बायराक्तर TB2, AKINCI जैसे ड्रोन मॉडल की बदौलत वैश्विक हथियार बाजार में बड़ा स्थान बनाया है। अब किजिलेल्मा की क्षमता साबित होना यह दर्शाता है कि तुर्किए मानव-रहित लड़ाकू विमानों की रेस में अग्रणी बनने की कोशिश में है।


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