अहमदाबाद न्यूज डेस्क: जायडस लाइफसाइंसेज लिमिटेड ने घोषणा की है कि सेमाग्लूटाइड का पेटेंट भारत में समाप्त होने के बाद वह सेमाग्लूटाइड इंजेक्शन को सेमाग्लिन, माशेमा और अल्टरमे ब्रांड नामों से लॉन्च करेगी। यह दवा टाइप-2 डायबिटीज मेलिटस और मोटापे के इलाज के लिए पेश की जाएगी। कंपनी ने बताया कि इस संकेत के लिए निर्माण और विपणन की मंजूरी पहले ही ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ़ इंडिया (DCGI) से मिल चुकी है।
जायडस का कहना है कि उसके सेमाग्लूटाइड उत्पाद की सबसे बड़ी खासियत स्वदेशी रूप से विकसित एक नया ड्रग-डिलीवरी सिस्टम होगा, जो मरीजों के लिए ज्यादा सुविधाजनक और किफायती साबित हो सकता है। कंपनी एक एडजस्टेबल सिंगल-पेन डिवाइस पेश करने की योजना बना रही है, जिससे मरीज एक ही पेन के जरिए अलग-अलग डोज चुनकर ले सकेंगे। वर्तमान में डोज बढ़ाने की प्रक्रिया के दौरान मरीजों को अलग-अलग सिंगल-डोज पेन खरीदने पड़ते हैं।
कंपनी के मुताबिक यह एडजस्टेबल और री-यूजेबल पेन डिवाइस उपचार को सरल बनाएगा, डिवाइस बदलने की जरूरत कम करेगा और लंबे समय में मरीजों के लिए खर्च घटा सकता है। इससे दवा लेने में नियमितता (एडहेरेंस) बेहतर होने की उम्मीद है।
कंपनी के प्रबंध निदेशक डॉ. शर्विल पटेल ने कहा कि यह लॉन्च मरीज-केंद्रित नवाचार पर कंपनी के फोकस को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि भारत में इस तरह का पहला डिलीवरी मैकेनिज्म उपचार को आसान बनाएगा, जिससे दीर्घकालिक रूप से बेहतर क्लिनिकल परिणाम हासिल किए जा सकेंगे।