अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में होने वाले 2030 राष्ट्रमंडल खेलों (Commonwealth Games) के सफल आयोजन के लिए गुजरात सरकार और भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने एक बेहद ठोस और पेशेवर रणनीति तैयार की है। 2010 के दिल्ली राष्ट्रमंडल खेलों के दौरान हुए विवादों और भ्रष्टाचार के आरोपों से सबक लेते हुए, इस बार आयोजन की कमानIOA पदाधिकारियों के बजाय विशुद्ध पेशेवरों (Professionals) के हाथों में सौंपने की तैयारी है।
आयोजन का नया ढांचा (Structure):
विवादों से बचने के लिए इस बार 'आयोजन समिति' की जगह एक 'आयोजन कंपनी' (OC) बनाई जाएगी। इस कंपनी में CEO, COO और CFO जैसे पदों पर विशेषज्ञों को रखा जाएगा, न कि खेल संघों के पदाधिकारियों को।
तीन स्तरीय निगरानी प्रणाली:
खेलों के संचालन और पारदर्शिता के लिए तीन प्रमुख स्तर बनाए गए हैं:
मंत्रियों का समूह (GoM): यह सबसे शीर्ष स्तर होगा, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री, वित्त मंत्री, खेल मंत्री और गुजरात के मुख्यमंत्री सहित लगभग 10 कद्दावर नेता शामिल होंगे। मुख्य कार्यों की अंतिम मंजूरी यही समूह देगा।
निदेशक मंडल (Board of Directors): इसके नीचे एक बोर्ड होगा जिसमें कॉमनवेल्थ स्पोर्ट्स के प्रतिनिधि, आईओए के सदस्य, गुजरात सरकार के अधिकारी, नामी खिलाड़ी और निजी क्षेत्र के विशेषज्ञ शामिल होंगे। यह बोर्ड आयोजन कंपनी के कार्यों की निगरानी करेगा।
आयोजन कंपनी (OC): यह एक गैर-लाभकारी (Non-profit) कंपनी होगी। इसका मुख्य काम बजट प्रबंधन, स्पॉन्सरशिप, ब्रॉडकास्टिंग राइट्स, सुरक्षा, ट्रांसपोर्ट और इवेंट मैनेजमेंट जैसे तकनीकी कार्यों को पेशेवर तरीके से निपटाना होगा।
विवादों से बचने की कोशिश:
2010 के खेलों में सुरेश कलमाड़ी (तत्कालीन IOA अध्यक्ष) आयोजन समिति के चेयरमैन थे, जिससे हितों का टकराव और अनियमितताएं देखने को मिली थीं। 2030 के लिए बनाई जा रही इस नई व्यवस्था का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आयोजन पूरी तरह पारदर्शी हो और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश की छवि उज्ज्वल रहे। इन समितियों और कंपनी के गठन की आधिकारिक घोषणा मई के अंत या जून तक होने की उम्मीद है।