अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में टीम इंडिया के लिए एक बार फिर भावुक लम्हे देखने को मिले। 19 नवंबर 2023 की रात की यादें जब भारतीय फैंस ने रोहित शर्मा की आंखों में आंसू देखे थे, अब उसी मैदान पर 22 फरवरी 2026 को टी20 वर्ल्ड कप सुपर 8 में टीम इंडिया को साउथ अफ्रीका के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा। यह वही मैदान था जहां 825 दिनों तक टीम इंडिया ने आईसीसी टूर्नामेंट में लगातार 17 मैच जीतकर रिकॉर्ड बनाया था। लेकिन अब 188 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए भारतीय टीम सिर्फ 111 रन पर ऑलआउट हो गई, जिससे एक लाख से अधिक दर्शक भावुक हो उठे।
साउथ अफ्रीका के कप्तान एडेन मार्कराम ने टीम इंडिया की कमियों को पूरी तरह उजागर कर दिया। उनके आक्रामक खेल और रणनीति ने भारतीय बल्लेबाजी को चुनौतीपूर्ण स्थिति में डाल दिया। भारतीय बल्लेबाजों की स्ट्राइक नहीं चल पाई और अंतिम ओवर्स में शिवम दुबे भी अपनी तेजी और प्रयास के बावजूद बड़े शॉट नहीं लगा पाए। इससे साफ हो गया कि पिछले दो साल में लगातार जीतने वाली टीम की तैयारियों में कुछ कमी नजर आई।
इस हार के साथ ही कई सवाल भी उठने लगे हैं। उपकप्तान अक्षर पटेल को अचानक बाहर करना, कप्तान सूर्यकुमार यादव का ओवरकॉन्फिडेंस और टीम मैनेजमेंट की रणनीतियों पर चर्चा शुरू हो गई है। यह हार भारतीय टीम के लिए एक रिएलिटी चेक की तरह है, जो सुपर 8 के अगले मुकाबलों में टीम के प्रदर्शन और मानसिक स्थिति पर असर डाल सकती है।
अब फोकस 26 फरवरी को जिम्बाब्वे के खिलाफ मैच पर होगा। जिम्बाब्वे ने सुपर 8 में ऑस्ट्रेलिया और श्रीलंका को हराकर अपनी ताकत साबित की है। टीम इंडिया को यहां वापसी करनी होगी और यह हार केवल एक सबक के रूप में लेते हुए आगे बढ़ना होगा। आगामी मैच में टीम का प्रदर्शन तय करेगा कि क्या यह टी20 वर्ल्ड कप भारतीय टीम के लिए फिर से जीत का मंच बनता है या यह हार वर्ल्ड कप की कहानी को बदल देगी।