अहमदाबाद न्यूज डेस्क: मुंबई-अहमदाबाद हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर (MAHSR) देश की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना है, जिसका निर्माण तेजी से प्रगति पर है। जापान की तकनीकी सहायता से विकसित यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट कुल 508 किलोमीटर लंबा है, जिसमें 352 किलोमीटर गुजरात और 156 किलोमीटर महाराष्ट्र में आता है। परियोजना की निर्धारित डेडलाइन 15 अगस्त 2027 है।
इस हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर पर कुल 12 स्टेशन बनाए जा रहे हैं: साबरमती, अहमदाबाद, आनंद, वडोदरा, भरूच, सूरत, बिलिमोरा, वापी, बोइसर, विरार, ठाणे और मुंबई (बीकेसी)। बुलेट ट्रेन चालू होने के बाद अहमदाबाद से मुंबई का सफर सिर्फ 2 घंटे 7 मिनट में पूरा होगा, जबकि वर्तमान में यह 6 से 7 घंटे लेता है।
निर्माण कार्य की स्थिति के अनुसार अब तक 334 किलोमीटर वियाडक्ट (पुल संरचना) और 417 किलोमीटर पिलर का निर्माण पूरा हो चुका है। 25 में से 17 नदी पुल तैयार हो चुके हैं। महाराष्ट्र के पालघर क्षेत्र में फरवरी 2026 में दूसरी पहाड़ी सुरंग का सफल ‘ब्रेकथ्रू’ हुआ। सबसे चुनौतीपूर्ण हिस्सा ठाणे क्रीक के नीचे बन रही 7 किलोमीटर लंबी अंडर-सी रेल टनल है, जो भारत की पहली समुद्र के नीचे बनने वाली रेल सुरंग होगी।
रेलवे मंत्रालय के अनुसार, सूरत से बिलिमोरा के बीच पहला ट्रायल रन 2026 के अंत तक शुरू करने की योजना है। पूरे कॉरिडोर को 15 अगस्त 2027 तक चालू करने का लक्ष्य है और दिसंबर 2029 तक परिचालन पूरा होने की उम्मीद है। बुलेट ट्रेन 320 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी। केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बताया कि किराया हवाई सफर की तुलना में प्रतिस्पर्धी रखा जाएगा, अनुमान है ₹3,000 से ₹5,000। यह परियोजना गुजरात और महाराष्ट्र के बीच आर्थिक कनेक्टिविटी और निवेश को भी नई गति देगी।