ताजा खबर
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह फिर बने माता-पिता, घर आई नन्ही परी; दुआ को मिली छोटी बहन   ||    ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||   

गुजरात में सरकारी नाम और प्रतीकों के गलत इस्तेमाल पर सख्ती, निजी संस्थाओं पर होगी कार्रवाई

Photo Source : Google

Posted On:Wednesday, September 16, 2026

अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात सरकार ने निजी संस्थाओं, एनजीओ, ट्रस्ट और कारोबारी प्रतिष्ठानों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है, जो कथित तौर पर अपने नाम या पहचान में सरकारी विभागों, पदों और राष्ट्रीय प्रतीकों का इस तरह इस्तेमाल कर रहे हैं कि लोगों को उनके सरकारी होने का भ्रम हो। सामान्य प्रशासन विभाग ने सभी सरकारी विभागों, कार्यालयों और रजिस्ट्रेशन अधिकारियों को इस मामले में सख्ती से नियम लागू करने के निर्देश दिए हैं।

सरकार ने यह कदम ‘एम्ब्लेम्स एंड नेम्स (प्रिवेंशन ऑफ इम्प्रॉपर यूज) एक्ट, 1950’ के तहत उठाया है। केंद्र के उपभोक्ता मामलों के विभाग की ओर से राज्यों को जारी सर्कुलर के बाद गुजरात में भी निर्देश जारी किए गए हैं। इसके तहत निजी संस्थाओं और कारोबारियों को अपने नाम में ‘ब्यूरो’, ‘कमीशन’, ‘मिनिस्ट्री’, ‘सेंटर’, ‘ऑल इंडिया’, ‘नेशनल’ और ‘इंडियन’ जैसे शब्द इस्तेमाल करने के लिए केंद्र से लिखित अनुमति लेनी होगी। अनुमति मिलने के बावजूद संस्था को साफ बताना होगा कि उसका सरकार से कोई संबंध नहीं है।

केंद्र ने ऐसे मामलों पर भी चिंता जताई है, जहां निजी संस्थाओं ने कथित तौर पर अशोक चिन्ह, अशोक चक्र और सरकारी मुहरों की नकल अपने लेटरहेड, विजिटिंग कार्ड, ऑफिस के बोर्ड और वेबसाइट पर की है। अधिकारियों के मुताबिक, इससे लोगों को किसी निजी सेवा या लेन-देन को सरकारी काम समझने का खतरा रहता है। ऐसे मामलों में लोग आर्थिक नुकसान के साथ अपनी जरूरी दस्तावेजों की जानकारी भी अनधिकृत संस्थाओं के साथ साझा कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने रजिस्ट्रार ऑफ सोसाइटीज, रजिस्ट्रार ऑफ फर्म्स और सहकारिता विभाग समेत सभी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि संस्थाओं के रजिस्ट्रेशन के समय उनके नामों की जांच की जाए और नियमों का उल्लंघन करने वाले नामों को मंजूरी न दी जाए। किसी नाम को लेकर विवाद या संदेह होने पर मामला केंद्र सरकार को भेजा जाएगा और उसका फैसला अंतिम माना जाएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि नियम तोड़ने वाली संस्थाओं के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.