अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद शहरी विकास प्राधिकरण (AUDA) और राज्य सरकार ने शहर के बाहरी इलाकों के विकास को गति देने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने अहमदाबाद के आसपास के कृषि क्षेत्रों की लगभग 36 वर्ग किलोमीटर जमीन को 'डिनोटिफाई' करने की मंजूरी दे दी है। इस फैसले से अब इन क्षेत्रों की भूमि का उपयोग आवासीय और व्यावसायिक उद्देश्यों के लिए किया जा सकेगा, जिससे तेजी से विकसित हो रहे इन इलाकों में सुनियोजित विकास सुनिश्चित होगा।
डिनोटिफिकेशन की यह प्रक्रिया ओगणज, शीलज, घुमा, भदज, लांभा, लक्ष्मीपुरा, कठवाड़ा, कमोद, वंजर, फतेवाडी और वस्त्राल जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लागू होगी। वर्तमान में ये क्षेत्र AUDA के विकास योजना (DP) के तहत कृषि क्षेत्र के रूप में वर्गीकृत हैं, जिससे वहां निर्माण गतिविधियों पर कई प्रतिबंध थे। अधिकारियों का मानना है कि इस बदलाव से अवैध निर्माण पर रोक लगेगी और बुनियादी ढांचे के विकास में आसानी होगी। इस निर्णय को अहमदाबाद नगर निगम (AMC) समेत आगामी स्थानीय निकाय चुनावों के संपन्न होने के तुरंत बाद लागू किए जाने की संभावना है।
परियोजना के एक अन्य महत्वपूर्ण हिस्से के रूप में, राज्य सरकार ने प्रस्तावित 'थर्ड रिंग रोड' (तीसरी रिंग रोड) के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू करने का सैद्धांतिक निर्णय लिया है। AUDA ने प्रस्ताव दिया है कि इस नई रिंग रोड के दोनों ओर स्थित सभी गांवों को प्राधिकरण की सीमा में शामिल किया जाए। इस संबंध में औपचारिक अधिसूचना मई के पहले सप्ताह में जारी होने की उम्मीद है, जो शहर के विस्तार के लिए एक बड़ा मील का पत्थर साबित होगी।
अहमदाबाद का नया विकास योजना (Development Plan) इस साल जून तक घोषित होने की संभावना है। इसमें न केवल नई रिंग रोड के किनारे के गांवों को शामिल किया जाएगा, बल्कि भविष्य की परिवहन और औद्योगिक जरूरतों को ध्यान में रखते हुए कई नई योजनाएं भी पेश की जाएंगी। फिलहाल, अंतिम निर्णय राजनीतिक स्तर पर लंबित है, लेकिन जून में आने वाला नया डीपी शहर के भविष्य का नया नक्शा पेश करेगा।