अहमदाबाद न्यूज डेस्क: दिल्ली हाई कोर्ट ने बुधवार को उस जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें अहमदाबाद में पिछले साल जून में हुए Air India विमान हादसे से जुड़े तकनीकी विवरण सार्वजनिक करने की मांग की गई थी। याचिका में विशेष रूप से यह बताने का निर्देश देने की मांग थी कि विमान का फ्यूल स्विच ‘रन’ से ‘कट-ऑफ’ मोड में ठीक किस समय बदला गया था।
मुख्य न्यायाधीश देवेंद्र कुमार उपाध्याय और न्यायमूर्ति तेजस करिया की खंडपीठ ने कहा कि याचिकाकर्ता जांच एजेंसियों से पूरी घटनाक्रम समय-रेखा भी जारी करने की मांग कर रहे हैं, जिसमें यह भी शामिल है कि विमान के इंजन का ‘फ्लेमआउट’ कब हुआ। फ्लेमआउट का अर्थ है जेट इंजन में दहन प्रक्रिया का अचानक बंद हो जाना, जिससे इंजन थ्रस्ट देना बंद कर देता है।
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि याचिकाकर्ता जुलाई 2025 की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट को ‘रीड डाउन’ करने की मांग कर रहे हैं, जो न्यायालय के अधिकार क्षेत्र में नहीं आता। अदालत ने कहा कि वह किसी जांच रिपोर्ट को संशोधित या पुनर्परिभाषित नहीं कर सकती। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया कि यदि किसी सूचना की आवश्यकता है तो सूचना का अधिकार अधिनियम (RTI) के तहत आवेदन किया जा सकता है।
यह याचिका सुरेश चंद श्रीवास्तव द्वारा दायर की गई थी, जिन्होंने तर्क दिया कि एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट में कई अहम जानकारियां नहीं दी गई हैं। हालांकि अदालत ने स्पष्ट किया कि वह विशेषज्ञ संस्था नहीं है और चल रही जांच में हस्तक्षेप नहीं कर सकती। अदालत ने कहा कि उसे हादसे को लेकर उठी चिंताओं का अहसास है, लेकिन मांगी गई राहत देने का कोई कानूनी आधार नहीं है।