अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद म्युनिसिपल कॉरपोरेशन (एएमसी) की स्थायी समिति ने गुरुवार को कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी। इनमें एयर इंडिया की फ्लाइट 171 हादसे के दौरान चलाए गए राहत कार्यों के खर्च को स्वीकृति देने के साथ-साथ शहर में नवीकरणीय ऊर्जा के विस्तार और पर्यटन स्थलों के विकास से जुड़े बड़े फैसले शामिल हैं।
विमान हादसे के राहत कार्य को मंजूरी
12 जून 2025 को हुए विमान हादसे के बाद मलबा हटाने और शवों की तलाश में जुटी टीमों के लिए किए गए खर्च को कार्योत्तर स्वीकृति दे दी गई है। राहत कार्य में लगे अधिकारियों, निगम कर्मचारियों और स्वयंसेवकों को चाय-नाश्ता, पानी की बोतलें, अमूल दूध और बिस्कुट उपलब्ध कराए गए थे। इन व्यवस्थाओं पर कुल 16.74 लाख रुपये से अधिक का बिल आया, जिसे समिति ने पास कर दिया। टीमें B. J. मेडिकल कॉलेज सहित चार स्थानों पर तैनात थीं।
रिन्यूएबल एनर्जी की ओर बढ़ता शहर
कार्बन फुटप्रिंट घटाने के लिए एएमसी ने जल निकायों पर फ्लोटिंग सोलर पैनल लगाने की मंजूरी दी है। यह परियोजना कांकरिया झील, साबरमती रिवरफ्रंट और लांभा झील में लागू की जाएगी। निगम पहले ही अपनी इमारतों पर सोलर पैनल लगाकर 43 प्रतिशत बिजली नवीकरणीय स्रोतों से प्राप्त कर रहा है। लगभग 350 करोड़ रुपये सालाना बिजली खर्च करने वाला निगम 2028 तक ‘नेट जीरो’ का लक्ष्य हासिल करना चाहता है, जिससे करीब 3000 करोड़ रुपये की बचत का अनुमान है।
पर्यटन और जनसुविधाओं पर जोर
शहर के प्रमुख स्थलों—कांकरिया झील, अटल ब्रिज, साबरमती रिवरफ्रंट, जगन्नाथ मंदिर और स्वामीनारायण मंदिर—के विकास के लिए बजट को मंजूरी दी गई है। कांकरिया लेकफ्रंट में 10 करोड़ रुपये की लागत से ‘कैंडी म्यूजियम’ बनाया जाएगा और 5.53 करोड़ रुपये से लाइट-एंड-म्यूजिकल मल्टीमीडिया फाउंटेन विकसित होगा। इसके अलावा गर्मी से राहत के लिए शहर के 54 फव्वारे जल्द चालू किए जाएंगे और 15 मार्च से AMTS व BRTS बस स्टॉप पर ठंडा पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे रोजाना करीब 6 लाख यात्रियों को फायदा मिलेगा।