अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में 12 जून 2023 को हुए एयर इंडिया फ्लाइट AI-171 के हादसे को लेकर केंद्र सरकार ने गुरुवार को स्पष्ट किया कि प्रारंभिक जांच रिपोर्ट में पायलट को कोई दोष नहीं है। नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने यह स्पष्टीकरण उन मीडिया रिपोर्टों की गलतफहमियों को दूर करने के लिए जारी किया, जिनमें पायलट पर जिम्मेदारी ठहराने का संकेत दिया गया था।
सुप्रीम कोर्ट ने भी इस मामले में केंद्र, DGCA और अन्य संबंधित एजेंसियों को नोटिस जारी किया। यह याचिका कैप्टन सुमीत सभरवाल के पिता पुष्कर राज सभरवाल ने दायर की थी, जिसमें उन्होंने हादसे की निष्पक्ष और तकनीकी रूप से सटीक जांच की मांग की थी। याचिकाकर्ता ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया कि जांच की निगरानी किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाए।
सुनवाई के दौरान, न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने दिवंगत पायलट के पिता को भरोसा दिलाया कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट की गलती नहीं पाई गई। न्यायमूर्ति जॉयमल्या बागची ने भी कहा कि प्रारंभिक रिपोर्ट में पायलट को दोषी ठहराने का कोई संकेत नहीं है।
हादसे में फ्लाइट के दोनों इंजन के फ्यूल स्विच अचानक कटऑफ मोड में चले जाने से विमान का पावर सप्लाई रुक गया और विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस हादसे में 260 लोग—241 यात्री और 19 क्रू मेंबर—मारे गए थे। प्रारंभिक अमेरिकी जांच में पायलट की गलती की संभावना जताई गई थी, लेकिन परिवार और पायलट यूनियन का दावा है कि तकनीकी खराबी या सिस्टम फेल्योर की संभावना को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।