अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद में एक पति ने फैमिली कोर्ट के फैसले के खिलाफ गुजरात हाईकोर्ट में अपील दायर की है। उनका कहना है कि पत्नी के श्वान प्रेम और उससे जुड़े झंझटों के कारण उन्हें मानसिक तनाव, डायबिटीज और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन जैसी स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ा।
पति ने याचिका में बताया कि उनकी शादी 2006 में हुई थी। समस्याएं तब शुरू हुईं जब पत्नी ने सड़क पर भटकते कुत्ते को घर ले आया। यह कुत्ता पति-पत्नी के साथ बिस्तर पर सोता था और जब पति पत्नी के करीब जाने की कोशिश करता, कुत्ता भौंकता और एक बार तो काट भी लिया। पत्नी ने कुत्ते को घर से निकालने से इंकार कर दिया, जिससे पति लगातार तनाव में रहने लगे।
पति ने यह भी कहा कि पत्नी एक एनिमल एक्टिविस्ट ग्रुप से जुड़ गई और जानवरों के लिए काम करने लगी। उन्होंने झूठी शिकायतों के जरिए उन्हें डराया और लगातार तनाव के कारण उनकी सेहत पर असर पड़ा। साथ ही, पत्नी ने रेडियो शो में उनके चरित्र पर झूठ बोलकर उन्हें बदनाम किया।
फैमिली कोर्ट ने तलाक की याचिका खारिज कर दी थी, क्योंकि क्रूरता का कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला। अब पति ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। अदालत ने दोनों पक्षों को सेटलमेंट पर विचार करने को कहा है और अगली सुनवाई की तारीख 1 दिसंबर तय की गई है।