अहमदाबाद न्यूज डेस्क: 195 प्रवासी नागरिकों के लिए गुरुवार का दिन बेहद खास रहा, जब अहमदाबाद में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्हें भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र सौंपे गए। इनमें से 122 लोगों को नागरिकता संशोधन अधिनियम (CAA) के अंतर्गत लाभ मिला। गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष सांघवी ने बताया कि हिंदू, सिख, बौद्ध और जैन समुदायों से जुड़े ये लोग पाकिस्तान से शरणार्थी बनकर भारत आए थे। समारोह में सांघवी ने कहा—“मुस्कुराइए, अब आप भारत के नागरिक हैं,” जिसके बाद कार्यक्रम स्थल तालियों से गूंज उठा।
कार्यक्रम के दौरान सांघवी ने भावुक होकर कहा कि जिन लोगों को नागरिकता मिली है, उनमें डॉक्टर भी हैं जिन्होंने हजारों लोगों की सेवा की, और ऐसे बच्चे भी हैं जिन्होंने पाकिस्तान में कठिन हालात झेले। उन्होंने बताया कि वर्षों की परेशानियों और पिछली सरकारों की अनदेखी के बाद ये लोग भारत में शरणार्थी बनकर रह रहे थे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में आज इन 195 लोगों का वर्षों पुराना इंतज़ार पूरा हुआ है। उन्होंने कहा कि 1947 और 1956 के बाद भारत आए इन शरणार्थियों का सपना अब सच हो गया।
जिन 195 लोगों को नागरिकता मिली, उनमें से 122 को CAA का लाभ मिला, जबकि 73 लोगों को अहमदाबाद जिला कलेक्ट्रेट में किए गए आवेदन के आधार पर प्रमाणपत्र जारी किए गए। इन प्रवासियों ने नागरिकता मिलने के बाद अपनी भावनाएं भी व्यक्त कीं। गायनाकोलॉजिस्ट डॉ. महेशकुमार पुरोहित, जो 1956 में भारत आए थे, तब चौंक गए जब पासपोर्ट बनवाते समय उन्हें पता चला कि वे आधिकारिक नागरिक नहीं हैं। कई कोशिशों के बाद उन्हें अप्रैल 2025 में CAA के तहत पासपोर्ट मिला और अब नागरिकता मिलने के बाद वे अपनी विदेश रहने वाली बेटी से मिलने जा सकेंगे।
इसी तरह इंजीनियर पूजा अभिमन्यु ने कहा कि नागरिकता प्रमाणपत्र उनके लिए सिर्फ एक कागज नहीं, बल्कि नई उम्मीद और सम्मान का प्रतीक है। वहीं ओडिशा में भी ऐतिहासिक पहल देखने को मिली, जहां मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने नबरंगपुर में 35 प्रवासियों को CAA 2019 के तहत भारतीय नागरिकता प्रमाणपत्र वितरित किए। उन्होंने कहा कि ये लोग बांग्लादेश से आए थे और पहली बार ओडिशा में CAA के तहत किसी जिले में नागरिकता प्रदान की गई है। इस कदम को प्रवासी समुदाय ने बड़ी राहत और नए जीवन की शुरुआत के रूप में देखा।