अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गांधीनगर जिले के मनसा निवासी 32 वर्षीय किसान ने सीआईडी (क्राइम) में शिकायत दर्ज कर आरोप लगाया है कि कनाडा में पत्नी को स्थायी निवास (PR) दिलाने के नाम पर उससे 48.02 लाख रुपये की ठगी की गई। शिकायत में सेक्टर-16 स्थित एक वीजा कंसल्टेंसी और उसके सहयोगियों पर धोखाधड़ी, आपराधिक विश्वासघात और साजिश के आरोप लगाए गए हैं।
शिकायतकर्ता के अनुसार 12 नवंबर 2022 को एक एमओयू साइन किया गया था, जिसमें भरोसा दिलाया गया कि उनकी पत्नी को पहले वर्क परमिट और एक साल बाद पीआर दिलाई जाएगी। उन्होंने 10 लाख रुपये चेक से, 5 लाख रुपये आरटीजीएस से और 28 लाख रुपये नकद कालोल स्थित कार्यालय में दिए। इसके अलावा प्रोसेसिंग और दस्तावेजीकरण पर 1 लाख रुपये खर्च किए। मेडिकल जांच और दस्तावेज जमा करने के बाद पत्नी को एलएमआईए लेटर और पासपोर्ट रिक्वेस्ट मिलने की जानकारी दी गई। अक्टूबर 2023 में अहमदाबाद वीजा सेंटर से वीजा स्टांप होने के बाद वह टोरंटो पहुंचीं।
आरोप है कि कनाडा पहुंचने पर वहां के इमिग्रेशन अधिकारियों ने बताया कि एलएमआईए में दर्शाई गई कंपनी ने कोई जॉब ऑफर जारी नहीं किया है और वर्क लेटर अमान्य है। उन्हें भारत लौटने या शरणार्थी आवेदन करने का विकल्प दिया गया। 29 अक्टूबर 2023 को वह भारत लौट आईं। शिकायतकर्ता ने दावा किया कि कनाडा में हवाई यात्रा, कानूनी सलाह और अन्य खर्चों पर अतिरिक्त 4.02 लाख रुपये खर्च हुए, जिसमें मिसिसॉगा के एक वकील को 2,000 कैनेडियन डॉलर का भुगतान भी शामिल है।
शिकायत में कहा गया है कि दिसंबर 2023 तक कंसल्टेंसी का कार्यालय बंद मिला और फोन भी स्विच ऑफ थे, जबकि एक मुख्य आरोपी दुबई चला गया। आश्वासन के बावजूद न तो दोबारा भेजने की व्यवस्था की गई और न ही रकम लौटाई गई। सीआईडी (क्राइम) ने आईपीसी की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।