अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में मंगलवार को राइसिन आतंकी साजिश में गिरफ्तार सैयद अहमद मोहिउद्दीन अब्दुल कादर जिलानी पर तीन कैदियों ने हमला कर दिया। हमला जेल में केवल 24 घंटे के भीतर हुआ, जब जिलानी को हाल ही में शिफ्ट किया गया था। जेल अधिकारियों के अनुसार, हमलावरों में से एक की पहचान अमराईवाड़ी निवासी नीलेश शर्मा के रूप में हुई, और जिलानी को आंख और नाक पर चोटें आईं। घटना के तुरंत बाद अन्य कैदियों ने बीच में आकर उसकी जान बचाई और उसे जेल डिस्पेंसरी ले जाया गया।
हमले के दौरान नीलेश शर्मा ने कहा कि उन्होंने यह कदम “देश के दुश्मन को सबक सिखाने” के लिए उठाया। हालांकि इस बयान के बाद सोशल मीडिया और सुरक्षा एजेंसियों में बहस शुरू हो गई कि क्या यह केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया थी या कैदियों के बीच पहले से कोई साजिश थी। जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटा है कि क्या सुरक्षा व्यवस्था में चूक हुई थी और हमले की पूर्व जानकारी किसी को थी या नहीं।
जिलानी पर आरोप है कि वह अरंडी के बीज से राइसिन निकालने की साजिश में शामिल था। यह घातक रसायन इंसान की जान के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है और इसे बायोलॉजिकल वेपन के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। एटीएस ने उसकी गिरफ्तारी को बड़ी सफलता बताया था, क्योंकि उसके प्लान के अनुसार बड़े आतंकी हमले की संभावना थी।
हमले के बाद जेल में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। तीनों आरोपियों से पूछताछ जारी है, और जिलानी को सुरक्षा कारणों से अलग बैरक में रखने पर विचार किया जा रहा है। पुलिस निरीक्षक केवाई व्यास ने बताया कि प्राथमिक जांच में अनिल कुमार, शिवम शर्मा और एक अन्य व्यक्ति हमले में शामिल पाए गए हैं। आगे की जांच यह स्पष्ट करेगी कि यह हमला केवल कैदियों की भावनात्मक प्रतिक्रिया था या किसी अंदरूनी उकसावे का परिणाम।