अहमदाबाद न्यूज डेस्क: अहमदाबाद के चांदखेड़ा में दो मासूम बहनों की संदिग्ध मौत का मामला अब और भी पेचीदा हो गया है। एल डिवीजन के एसीपी डीवी राणा ने बताया कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तीन महीने की बच्ची के शव को कार्यपालक मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में कब्र से बाहर निकाला गया है। इस पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। पुलिस अब यह सुनिश्चित करना चाहती है कि क्या मौत का वास्तविक कारण वही डोसा बैटर है, जिस पर माता-पिता ने संदेह जताया है।
जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने अब उस डेयरी के अन्य ग्राहकों की तलाश शुरू कर दी है। एसीपी राणा के अनुसार, पुलिस उन सभी लोगों से संपर्क कर रही है जिन्होंने उसी समय उस डेयरी से डोसा बनाने का घोल खरीदा था। इन ग्राहकों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं ताकि यह पता चल सके कि क्या किसी और को भी स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ा। यह कदम इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि डेयरी मालिक ने दावा किया है कि उसके उत्पाद में कोई खराबी नहीं थी।
माता-पिता का उपचार अभी भी के.डी. अस्पताल में चल रहा है, जहाँ उनकी हालत स्थिर बताई जा रही है। पुलिस यह भी जांच रही है कि यदि ढाई महीने की बच्ची केवल दूध पी रही थी, तो क्या विषाक्त पदार्थ दूध के माध्यम से उसके शरीर में पहुँचा या फिर मामला कुछ और है। फॉरेंसिक और पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही अब इस गुत्थी को सुलझा सकती है। पुलिस ने घटना के समय घर में मौजूद अन्य खाद्य पदार्थों की भी सूची तैयार की है।
स्थानीय प्रशासन और खाद्य विभाग की टीमें डेयरी की निर्माण प्रक्रिया की भी बारीकी से जांच कर रही हैं। एसीपी ने स्पष्ट किया कि सभी रिपोर्ट आने के बाद ही इस मामले में किसी की गिरफ्तारी या कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल, पूरे इलाके में इस घटना को लेकर डर और चर्चा का माहौल है, और लोग पुलिस की अंतिम जांच रिपोर्ट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।