अहमदाबाद न्यूज डेस्क: गुजरात ACB ने शुक्रवार को बड़ा एक्शन लेते हुए तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया, जिनमें दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच का एक ASI भी शामिल है। आरोप है कि इन लोगों ने एक वीज़ा कंसल्टेंट से 80 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी और 10 लाख रुपये एडवांस भी ले लिए थे। बदले में वादा किया गया था कि उन्हें चल रही आपराधिक जांच से राहत दिलाई जाएगी और जब्त दस्तावेज़ों को मामले में शामिल नहीं किया जाएगा।
ACB के अनुसार, जुलाई 29 को दिल्ली क्राइम ब्रांच की टीम ने अहमदाबाद के सीजी रोड पर मौजूद वीज़ा कंसल्टेंट के दफ्तर पर छापा मारा था। छापे में दो लैपटॉप, दो प्रिंटर, 17 पासपोर्ट, पहचान से जुड़े कई दस्तावेज़ और 20,000 रुपये जब्त किए गए। इसके बाद शिकायतकर्ता और फर्म के मालिक को यह कहकर नवरंगपुरा थाने ले जाया गया कि उनका नाम दिल्ली में दर्ज एक FIR में सह-आरोपी के रूप में सामने आया है।
इसी दौरान ASI शिवकुमार, संजय पटेल और चितरेश सुतारिया की भूमिका शुरू होती है। शिकायत के मुताबिक, दिल्ली जाकर जब पीड़ित ने शिवकुमार से बात की तो उसने पहले 1 करोड़ रुपये की रिश्वत मांगी, ताकि उसका नाम केस में उजागर न किया जाए और जब्त दस्तावेज़ लौटा दिए जाएं। बाद में बातचीत 80 लाख पर तय हुई, जिसमें से 10 लाख अग्रिम देने की बात कही गई। इसी बीच दिल्ली क्राइम ब्रांच ने शिकायतकर्ता का नाम सह-आरोपी के रूप में दर्शाते हुए उसे फरार घोषित कर दिया, और उसकी जब्त सामग्री भी चार्जशीट में नहीं जोड़ी गई।
पैसा देने के बजाय शिकायतकर्ता सीधे गुजरात ACB पहुंच गया। इसके बाद ACB ने अहमदाबाद के पालीडी इलाके में कार के भीतर होने वाली डील पर जाल बिछाया। आरोपियों में से चितरेश सुतारिया को शिकायतकर्ता से रिश्वत की रकम स्वीकार करते हुए रंगे हाथों पकड़ लिया गया। ACB ने मौके से 10 लाख रुपये बरामद किए और तीनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।