अहमदाबाद न्यूज डेस्क: सोशल मीडिया पर शुरू हुई दोस्ती किस तरह खतरनाक जाल में बदल सकती है, इसका चौंकाने वाला मामला अहमदाबाद से सामने आया है। अमेरिका में रहने वाला एक युवक काम के सिलसिले में आनंद आया था। इसी दौरान फेसबुक पर उसकी पहचान एक युवती से हुई। बातचीत धीरे-धीरे बढ़ी, रोजाना चैट और कॉल होने लगे। युवक को लगा कि उसे सच्चा प्यार मिल गया है, लेकिन उसे अंदाजा नहीं था कि यह रिश्ता हनीट्रैप का हिस्सा है।
युवती ने लगातार मिलने का दबाव बनाया और आखिरकार नरोदा इलाके में बुलाया। युवक बिना किसी शक के तय पते पर पहुंच गया। उसे लगा कि वह अपनी कथित प्रेमिका से मिलने जा रहा है, लेकिन घर के अंदर पहले से पूरा गिरोह मौजूद था। कुछ ही देर में माहौल बदल गया और मुलाकात ब्लैकमेलिंग की साजिश में बदल गई।
पीड़ित के अनुसार, कमरे में तीन महिलाएं थीं जिन्होंने उसे जबरन आपत्तिजनक स्थिति में लाने की कोशिश की। तभी छह लोग अंदर घुस आए और खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर धमकाने लगे। उसका मोबाइल और पर्स छीन लिया गया और वीडियो रिकॉर्डिंग कर ब्लैकमेल करने की कोशिश की गई। आरोप है कि मारपीट कर उसे झूठे दुष्कर्म केस में फंसाने की धमकी दी गई और 50 लाख रुपये की मांग की गई। डर के चलते युवक ने अपने रिश्तेदार से संपर्क कर 20 लाख रुपये दिलवाए।
बाद में जब पुलिस को ऐसे ही एक हनीट्रैप गिरोह के पकड़े जाने की जानकारी मिली तो युवक ने हिम्मत जुटाकर नरोदा पुलिस स्टेशन में नौ लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का कहना है कि सोशल मीडिया के जरिए हनीट्रैप के मामलों में बढ़ोतरी हो रही है और लोगों को अनजान व्यक्तियों से मिलने से पहले पूरी सावधानी बरतनी चाहिए।