अहमदाबाद न्यूज डेस्क: शहर के बोडकदेव इलाके में रहने वाले 77 साल के एक बुजुर्ग के साथ बड़ी ठगी हो गई। उन्हें डराकर-धमकाकर डिजिटल अरेस्ट में रखा गया और तीन से 13 सितंबर के बीच उनसे 17 लाख रुपए ठग लिए गए। आखिरकार 15 नवंबर को उन्होंने अहमदाबाद साइबर क्राइम ब्रांच में इसकी प्राथमिकी दर्ज कराई।
तीन सितंबर को उन्हें एक अज्ञात नंबर से कॉल आया, जो खुद को कोलाबा पीएसआई विजय खन्ना बता रहा था। उसने बुजुर्ग को ये कहकर डरा दिया कि संजय राउत और उसके लोगों की मनी लॉन्डरिंग केस में उनके आधार कार्ड से कैनरा बैंक में खोला गया खाता इस्तेमाल हुआ है। यहां तक कह दिया कि उनका भी नाम आरोपियों में है और उन्हें कोलाबा आना होगा। फिर बोला—आप बुजुर्ग हो इसलिए गिरफ्तार नहीं कर रहे, लेकिन जांच में सहयोग देना होगा।
इसके बाद उन्हें लगातार वीडियो कॉल पर हाजिर रहकर ‘सुनवाई’ में बैठाया गया। खुद को CBI, ED और दूसरी एजेंसियों का अफसर बताकर पूछताछ की जाती रही और अलग-अलग बहानों से 17.10 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। फिर जमानत पर छोड़ने जैसी बातें कर फोन बंद कर दिया। बाद में कहा कि जमा किए हुए रुपए वापस पाने के लिए 6.50 लाख रुपए और जमा करने पड़ेंगे।
यहीं से बुजुर्ग को शक हुआ और उन्होंने यह पूरी बात अपने एक मित्र को बताई। दोस्त ने तुरंत ठगी की आशंका जताई। इसके बाद बुजुर्ग ने साइबर हेल्पलाइन और पुलिस में शिकायत की और फिर प्राथमिकी दर्ज कराई।