ताजा खबर
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह फिर बने माता-पिता, घर आई नन्ही परी; दुआ को मिली छोटी बहन   ||    ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||   

जब भी कोई 'शेडि' लगता है, मैं उससे दोस्ती कर लेती हूँ: सारा अली खान की दोस्ती चुनने की अनोखी वजह और मनोविज्ञान

Photo Source :

Posted On:Thursday, October 30, 2025

मुंबई, 30 अक्टूबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) अभिनेत्री सारा अली खान अपनी स्पष्टवादिता और खुले विचारों के लिए जानी जाती हैं। हाल ही में, उन्होंने दोस्त चुनने के अपने एक बहुत ही असामान्य तरीके का खुलासा किया, जिसने लोगों को सोचने पर मजबूर कर दिया है। जहाँ ज़्यादातर लोग विश्वसनीय और ईमानदार दोस्त की तलाश करते हैं, वहीं सारा की रणनीति इसके विपरीत है।

"निगरानी में रखने" की अनोखी रणनीति

एक टेलीविजन शो (द कपिल शर्मा शो, सीज़न 2) में, केदारनाथ अभिनेत्री ने खुलासा किया था कि वह जानबूझकर उन लोगों से दोस्ती करती हैं जिन्हें वह "शेडि" या संदिग्ध मानती हैं।

सारा अली खान ने कहा, "मैंने नोटिस किया है जब भी मुझे लगता है ना ये बंदा शेडि है मैं दोस्ती कर लेती हूँ।"

उन्होंने इसके पीछे का कारण समझाते हुए कहा कि यह असुरक्षित लोगों से दूर रहने के बजाय उन्हें अपनी निगरानी में रखने की एक तरकीब है।

उन्होंने आगे कहा: "जहाँ तक मैं समझती हूँ, जिन लोगों से बचना चाहिए ना दूर नहीं रहना चाहिए, आस पास रखना चाहिए निगरानी में ताकि पता चले क्या हो रहा है।"

सारा का मानना है कि इस तरह से, उन पर हमला या धोखा पीठ पीछे नहीं, बल्कि सामने होगा। उन्होंने पीठ पीछे वार करने वाले लोगों को "डरावनी चीज़" बताया।

मनोवैज्ञानिकों की राय: 'शेडि' लोगों के प्रति आकर्षण क्यों?

सारा अली खान के इस अनोखे दृष्टिकोण को समझने के लिए मनोवैज्ञानिकों ने इस व्यवहार का विश्लेषण किया है। क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट नेहा प्रशर के अनुसार, कुछ लोगों का संदिग्ध या अविश्वसनीय व्यक्तियों के प्रति आकर्षित होना कई मनोवैज्ञानिक कारणों से जुड़ा हो सकता है:

1. अनिश्चितता का आकर्षण (The Thrill of Unpredictability)

कुछ लोग अवचेतन रूप से अनिश्चितता की ओर आकर्षित होते हैं क्योंकि यह उन्हें "तीव्रता या उत्तेजना" का एहसास कराता है, जो स्थिर और सुरक्षित रिश्ते नहीं दे पाते।

ऐसे लोग, जो अस्थिर माहौल में बड़े होते हैं, उनका मस्तिष्क अनिश्चितता को जुड़ाव समझ लेता है।

2. 'ठीक करने' की इच्छा (The Desire to 'Fix' or Redeem)

मनोवैज्ञानिक स्तर पर, यह उस व्यक्ति को 'ठीक' करने या बदलने का एक अचेतन प्रयास हो सकता है, जिसके माध्यम से वे अपने पिछले अविश्वास या धोखे के शुरुआती अनुभवों पर नियंत्रण बहाल करना चाहते हैं।

3. जिज्ञासा, समानुभूति या जोखिम लेना (Curiosity, Empathy, or Risk-Taking)

यह जिज्ञासा, समानुभूति (empathy) और जोखिम लेने की प्रवृत्ति का मिश्रण हो सकता है।

कुछ लोग मानव जटिलता के बारे में स्वाभाविक रूप से जिज्ञासु होते हैं।

अन्य लोग समानुभूति के चलते लाल झंडों (red flags) को अनदेखा कर देते हैं।

कुछ ऐसे भी होते हैं जो खतरे के करीब रहकर भी नियंत्रण में महसूस करने के भावनात्मक एड्रेनालिन का आनंद लेते हैं।

क्या यह रणनीति वास्तव में सुरक्षित है?

मनोवैज्ञानिकों का मानना ​​है कि संदिग्ध लोगों के करीब रहने से सुरक्षा का भ्रम पैदा हो सकता है।

जब कोई व्यक्ति हेरफेर करने वाले को पहचान लेता है, तो उनकी प्रवृत्ति उनके कदमों का अनुमान लगाने के लिए करीब रहने की हो सकती है—यह एक अति-सतर्कता (hypervigilance) से उत्पन्न उत्तरजीविता रणनीति (survival strategy) है।

हालांकि, मनोवैज्ञानिक चेतावनी देते हैं कि यह कथित नियंत्रण शायद ही कभी वास्तविक होता है, और समय के साथ यह भावनात्मक थकावट और सीमाओं के क्षरण का कारण बन सकता है।

सारा अली खान की यह राय कि 'जो भी होगा सामने होगा', एक दिलचस्प व्यक्तिगत सुरक्षा तंत्र को दर्शाती है, लेकिन मनोवैज्ञानिकों के अनुसार, ऐसे रिश्तों में अपनी भावनात्मक सीमाओं को बचाए रखना सबसे बड़ी चुनौती होती है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.