ताजा खबर
अहमदाबाद मनपा का कार्यकाल खत्म, 2500 करोड़ के प्रस्ताव पास; IAS मुकेश कुमार बने प्रशासक   ||    अहमदाबाद में T20 वर्ल्ड कप फाइनल का क्रेज: ₹20 हजार का होटल रूम ₹2 लाख तक, फ्लाइट किराया 5 गुना बढ़ा   ||    भारत-न्यूजीलैंड टी20 वर्ल्ड कप फाइनल के लिए दिल्ली से अहमदाबाद स्पेशल ट्रेन, 19 कोच के साथ आज रात रव...   ||    अहमदाबाद में बनेगा 128 करोड़ का भव्य लोटस पार्क, दिल्ली के लोटस टेम्पल से भी होगा खास   ||    गुजरात में 37 आईपीएस अधिकारियों का तबादला, शमशेर सिंह बने अहमदाबाद में नागरिक सुरक्षा निदेशक   ||    आईसीयू में बुजुर्ग मरीज ने डॉक्टर से पूछ लिया शादी का सवाल, वीडियो हुआ वायरल   ||    अहमदाबाद के SVP अस्पताल पर इलाज में लापरवाही का आरोप, वायरल वीडियो के बाद जांच शुरू   ||    जेद्दा से 200 भारतीयों की सुरक्षित वापसी, इंडिगो की राहत उड़ान अहमदाबाद पहुंची   ||    अहमदाबाद में 550 करोड़ का क्रिकेट सट्टा-हवाला घोटाला, रैपिडो ड्राइवर का खाता बना मनी रूट   ||    अहमदाबाद के चिलोडा में 12वीं के छात्र की फांसी से मौत, जांच जारी   ||   

चीन की पहली 'पालतू' बिल्ली घरेलू नहीं, बल्कि एक खूंखार तेंदुआ बिल्ली (Leopard Cat) थी!

Photo Source :

Posted On:Wednesday, December 10, 2025

मुंबई, 10 दिसंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) चीन में बिल्लियों के इतिहास को लेकर एक बड़ा खुलासा हुआ है। एक नए आनुवंशिक विश्लेषण (Genetic Analysis) से पता चला है कि जिस जानवर ने सबसे पहले प्राचीन चीनी मानव बस्तियों के आसपास चूहों का शिकार किया और मनुष्यों के साथ रहना शुरू किया, वह हमारी आज की घरेलू बिल्ली (Feliscatus) नहीं, बल्कि तेंदुआ बिल्ली (Prionailurus bengalensis) थी, जो एक जंगली प्रजाति है।

5,400 साल पुरानी कहानी

शोधकर्ताओं ने 5,400 से 1,900 साल पहले की प्राचीन बिल्ली की हड्डियों का डीएनए विश्लेषण किया। इस रिसर्च से पता चला कि चीन में लगभग 5,400 साल पहले से लेकर पूर्वी हान राजवंश (Eastern Han Dynasty) के अंत तक (ईस्वी 220 के आसपास), तेंदुआ बिल्ली ही मुख्य रूप से इंसानों के आसपास रहती थी।
  • कमैंसल संबंध (Commensal Relationship): विशेषज्ञ इसे एक 'कमैंसल' संबंध बताते हैं, जिसका अर्थ है कि बिल्लियाँ कृषि क्षेत्रों के पास रहने वाले चूहों का शिकार करके लाभ उठाती थीं, जिससे इंसानों को भी अनाजों के संरक्षण में मदद मिलती थी। हालांकि, यह तेंदुआ बिल्ली पूरी तरह से पालतू नहीं बन पाई और अपनी मर्ज़ी से मानव बस्तियों में आती-जाती रहती थी।
  • कला में प्रमाण: हान राजवंश (168 ईसा पूर्व) के एक उथले कटोरे पर भी एक धब्बेदार बिल्ली की छवि है, जिसकी लंबी, धारीदार पूंछ है—जो घरेलू बिल्ली के बजाय तेंदुआ बिल्ली जैसी दिखती है।


घरेलू बिल्ली का आगमन सिल्क रूट से

वैज्ञानिकों के अनुसार, आधुनिक घरेलू बिल्ली (Felis catus)—जो अफ्रीकी जंगली बिल्ली (Felislybica) की वंशज है—चीन में बहुत बाद में आई।
  • ईस्वी 730: डीएनए विश्लेषण से पता चला कि चीन में घरेलू बिल्लियों का सबसे पहला प्रमाण ईस्वी 730 के आसपास तांग राजवंश (Tang Dynasty) के दौरान मिलता है।
  • सिल्क रूट: इन बिल्लियों का मातृ वंश मध्य पूर्व से जुड़ा हुआ था, जिससे यह संकेत मिलता है कि वे रेशम मार्ग (Silk Road) के माध्यम से व्यापारियों द्वारा चीन लाई गई थीं।
  • शोध से पता चलता है कि पहली 'पालतू' बिल्ली तो खूंखार तेंदुआ बिल्ली ही थी, जिसने चीन में पालतू जानवरों के रूप में बिल्लियों के आने का रास्ता तैयार किया।


क्लोनिंग तकनीक से चीन की पहली बिल्ली

यह वीडियो चीन की पहली क्लोन बिल्ली 'गार्लिक' के बारे में है, जो आधुनिक चीन में पशुओं के साथ लोगों के गहरे भावनात्मक जुड़ाव को दर्शाती है।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.