ताजा खबर
“दिल चुराने आ गया ‘दिल वाले चोर’: ‘पति पत्नी और वो 2’ का नया गाना हुआ रिलीज़”   ||    “भरोसे से बहस तक: कुनिका सदानंद की पोस्ट ने क्यों छेड़ दी नई राजनीतिक चर्चा”   ||    खलनायक रिटर्न्स में बल्लू अपने उसी अंदाज में नजर आएगा बोले संजय दत्त   ||    खलनायक का दर्द, जुनून और वापसी: सुभाष घई ने जगाई नई उम्मीद   ||    अहमदाबाद: इंस्टाग्राम पोस्ट पर दी थी चुनौती, तो तीन युवकों ने 19 साल के लड़के को चाकू मारकर उतारा मौ...   ||    अहमदाबाद नगर निगम चुनाव: स्थानीय समस्याओं पर भारी पड़े राष्ट्रीय मुद्दे; 26 अप्रैल को होगा मतदान   ||    रिहाना की भारत में धमाकेदार वापसी, मुंबई एयरपोर्ट पर दिखा ग्लोबल स्टार का जलवा   ||    ईद 2027 पर सलमान खान का बड़ा दांव, SVC63 से बनेगा मेगा ब्लॉकबस्टर प्लान   ||    अनुपम खेर ने याद किया माइकल जैक्सन संग खास पल, बोले- “वो सिर्फ कलाकार नहीं, एक एहसास थे”   ||    ‘किंग’ का टीजर रिलीज: शाहरुख खान की दहाड़ इस क्रिसमस मचाएगी तहलका   ||   

शुभ आगमन: 2025 में 10 दिन का होगा शारदीय नवरात्रि का महापर्व, इस दिन से हो रही है शुरुआत!

Photo Source :

Posted On:Thursday, September 18, 2025

मुंबई, 18 सितम्बर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) भारतीय संस्कृति में देवी शक्ति की उपासना का सबसे बड़ा पर्व, शारदीय नवरात्रि, इस साल एक विशेष संयोग के साथ आ रहा है। यह पर्व, जो आमतौर पर नौ दिनों का होता है, इस बार 10 दिनों तक चलेगा, जिससे भक्तों को माँ दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों की पूजा और आराधना के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। इस साल, नवरात्रि का आगमन सोमवार को हो रहा है, जो एक अत्यंत शुभ संकेत माना जाता है क्योंकि माता का वाहन हाथी होगा, जो सुख और समृद्धि का प्रतीक है।

कब से कब तक है नवरात्रि 2025?

पंचांग के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत 22 सितंबर, 2025, सोमवार से हो रही है। यह पर्व 10 दिनों तक चलेगा और इसका समापन 2 अक्टूबर, 2025 को विजयदशमी (दशहरा) के साथ होगा। इस दौरान, माता दुर्गा के नौ अलग-अलग रूपों की पूजा की जाएगी।

कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त

नवरात्रि के पहले दिन कलश स्थापना का विशेष महत्व होता है। यह पूजा का आरंभ माना जाता है और इसे शुभ मुहूर्त में ही करना चाहिए। 22 सितंबर को कलश स्थापना के लिए दो मुख्य शुभ मुहूर्त हैं:

पहला मुहूर्त: सुबह 06:09 बजे से सुबह 08:06 बजे तक।

अभिजीत मुहूर्त: सुबह 11:49 बजे से दोपहर 12:38 बजे तक।

इन दोनों समयों में से किसी भी मुहूर्त में कलश की स्थापना की जा सकती है, जिससे माँ दुर्गा की कृपा प्राप्त होगी।

दिन-वार पूजा और विशेष महत्व

यह त्योहार इस बार 10 दिनों का होगा क्योंकि तृतीया तिथि दो दिनों तक रहेगी, यानी 24 और 25 सितंबर दोनों दिन माँ चंद्रघंटा की पूजा की जाएगी। इस दौरान हर दिन माँ के अलग स्वरूप की पूजा होगी, जो इस प्रकार है:

22 सितंबर: माँ शैलपुत्री

23 सितंबर: माँ ब्रह्मचारिणी

24 और 25 सितंबर: माँ चंद्रघंटा

26 सितंबर: माँ कूष्मांडा

27 सितंबर: माँ स्कंदमाता

28 सितंबर: माँ कात्यायनी

29 सितंबर: माँ कालरात्रि

30 सितंबर: माँ महागौरी (दुर्गा अष्टमी)

1 अक्टूबर: माँ सिद्धिदात्री (महानवमी)

2 अक्टूबर: दुर्गा विसर्जन और दशहरा

इस साल, नवरात्रि का लंबा होना भक्तों के लिए एक सुनहरा अवसर है, जिससे वे पूरे 10 दिनों तक देवी की भक्ति और आराधना में लीन हो सकते हैं।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.