ताजा खबर
​उदयपुर हत्याकांड: इलाज कराने अहमदाबाद गए 10-10 हजारी दो हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तार, प्राइवेट पार्ट की चो...   ||    ​बुलेट ट्रेन अपडेट: साबरमती नदी पर 12 मंजिल की ऊंचाई पर दौड़ेगी ट्रेन, 118 फीट ऊंचे पुल का काम अंतिम...   ||    ITR Filing Alert टैक्स भरने में चालाकी पड़ेगी भारी! सरकार वसूलेगी दोगुना पैसा, तुरंत जान लें ये नियम   ||    भारत से लेकर जापान तक दुनिया में जंग के बीच इन 20 देशों ने बढ़ाया अपना रक्षा खर्च   ||    ट्रंप की जिस प्रेस डिनर पार्टी में चली अंधाधुंध गोलियां वहां पूरी नहीं थी सुरक्षा, अमेरिका में ही उठ...   ||    रेयर अर्थ मैटेरियल का नया ग्लोबल हब बना मलेशिया पेंटागन के साथ $1 बिलियन की डील, चीन के एकाधिकार को ...   ||    LSG vs KKR सुपर ओवर में कोलकाता की जीत, रिंकू सिंह ने अकेले पलटा मैच, लखनऊ की लगातार 5वीं हार   ||    IPL 2026 KKR के साथ हुई बेईमानी? बल्लेबाज के शरीर पर लगी गेंद, तो दिया गया रन आउट, इस नियम ने चौंकाय...   ||    आत्मनिर्भरता की मिसाल होशियारपुर में सरपंच खुद बनते हैं 'गेटमैन', गांव की सुरक्षा के लिए ट्रेन को दि...   ||    दिल्ली बनाम नई दिल्ली: क्या वाकई दोनों एक ही हैं? जानें क्षेत्रफल, इतिहास और प्रशासन का असली अंतर   ||   

दीक्षांत समारोह में DMK नेता की पत्नी ने राज्यपाल से डिग्री लेने से किया इंकार, जानिए पूरा मामला

Photo Source :

Posted On:Wednesday, August 13, 2025

मुंबई, 13 अगस्त, (न्यूज़ हेल्पलाइन)। तमिलनाडु की मनोनमनियम सुंदरनार यूनिवर्सिटी (MSU) में बुधवार को आयोजित 32वें दीक्षांत समारोह के दौरान एक अलग तरह का वाकया सामने आया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद राज्यपाल आरएन रवि सभी पासआउट छात्रों को डिग्री प्रदान कर रहे थे, लेकिन DMK के नागरकोइल डिप्टी सेक्रेटरी एम. राजन की पत्नी जीन जोसेफ ने राज्यपाल के हाथ से डिग्री लेने से मना कर दिया और उनकी जगह कुलपति से डिग्री प्राप्त की। यह घटना उस समय हुई जब जीन जोसेफ मंच पर डिग्री लेने पहुंचीं। राज्यपाल रवि मुस्कुराते हुए उन्हें पास आने का संकेत देते दिखे, लेकिन उन्होंने नजरअंदाज करते हुए सीधे कुलपति के पास जाकर डिग्री ली और “थैंक यू” कहा। जवाब में राज्यपाल ने सिर हिलाकर प्रतिक्रिया दी। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है।

तमिलनाडु में राज्यपाल और DMK सरकार के बीच कानून निर्माण को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। राज्यपाल ने पहले DMK सरकार के 10 बिल रोक दिए थे, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने असंवैधानिक करार दिया। हाल ही में, 3 जून को राज्यपाल ने सरकार के दो बिलों को मंजूरी दी, जिस पर मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने टिप्पणी की कि यह मंजूरी मिलनी ही थी, क्योंकि अगर राज्यपाल फिर से रोकते तो सरकार सुप्रीम कोर्ट चली जाती। इससे पहले 8 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट ने राज्यपालों के अधिकार की सीमा तय करते हुए कहा था कि राज्यपाल के पास किसी भी बिल पर वीटो पावर नहीं है और उन्हें संवैधानिक रूप से बाधा उत्पन्न करने के बजाय मार्गदर्शक और सहयोगी की भूमिका निभानी चाहिए। वहीं, इस साल 6 जनवरी को विधानसभा सत्र के पहले दिन राज्यपाल रवि ने राष्ट्रगान के मुद्दे पर विवाद के चलते बिना संबोधन के सदन से वॉकआउट कर दिया था, जिसे मुख्यमंत्री और मंत्रियों ने लोकतांत्रिक परंपराओं का उल्लंघन बताया था।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.