ताजा खबर
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह फिर बने माता-पिता, घर आई नन्ही परी; दुआ को मिली छोटी बहन   ||    ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||   

कौन है 20 मासूम बच्चों की मौत का जिम्मेदार जी. रंगनाथन? फार्मा उद्योग से विवादों तक की अनकही कहानी

Photo Source :

Posted On:Thursday, October 9, 2025

मध्य प्रदेश में जहरीले कफ सिरप पीने से कम से कम 20 बच्चों की मौत के हृदय विदारक मामले में, तमिलनाडु के फार्मास्यूटिकल क्षेत्र के दिग्गज जी. रंगनाथन को गिरफ्तार कर लिया गया है। 73 वर्षीय रंगनाथन की गिरफ्तारी से इस भयावह त्रासदी में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है, जिसने पूरे देश के स्वास्थ्य और दवा उद्योग में हड़कंप मचा दिया है। मद्रास मेडिकल कॉलेज से फार्मेसी में स्नातक कर चुके रंगनाथन चार दशकों से अधिक समय से फार्मा उद्योग में सक्रिय थे। उन्होंने 1980 के दशक में ‘प्रोनिट’ नामक न्यूट्रिशनल सिरप के साथ दवा बाजार में अपनी शुरुआत की थी। यह सिरप गर्भवती महिलाओं के लिए था और उस समय चेन्नई के घरों में इसने तेजी से लोकप्रियता हासिल की थी। इस सफलता के बाद, 1990 के दशक में रंगनाथन ने 'स्रेसन फार्मास्यूटिकल्स' नामक कंपनी स्थापित कर अपने व्यवसाय का विस्तार किया।

जहरीले रसायन से गई बच्चों की जान

हाल ही में हुए इस मामले में रंगनाथन की कंपनी से जुड़े सिरप 'कोल्डरिफ' का नाम सामने आया है। आशंका जताई जा रही है कि कफ सिरप में विषैले रसायन मौजूद थे, जिसके सेवन से बच्चों की किडनी फेल हो गई और उनकी मौत हो गई। मध्य प्रदेश में अब तक 20 बच्चों की मौत की पुष्टि हो चुकी है, जबकि छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी चार से अधिक बच्चों की मौत की जांच चल रही है। इस मामले के तूल पकड़ने के बाद रंगनाथन फरार हो गए थे, जिन्हें 9 अक्टूबर को जांच एजेंसियों ने पकड़ा है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, उनके बयान दर्ज किए जा रहे हैं और पूछताछ में बच्चों की मौत के कारणों और इस पूरे रैकेट के बारे में बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।

फार्मा साम्राज्य और विवाद

'प्रोनिट' की सफलता के बाद, रंगनाथन ने धीरे-धीरे लिक्विड नेजल प्रोडक्ट्स और अन्य दवाओं के निर्माण में विस्तार किया और चेन्नई तथा उसके आसपास कई छोटी मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स स्थापित कीं। तमिलनाडु मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, वह अपनी कंपनी सीगो लैब्स से जुड़े रहे और सहयोगी कंपनी इवन हेल्थकेयर का संचालन संभालते थे। जहरीले कफ सिरप के कारण बच्चों की मौत के बाद, उनकी वर्षों पुरानी साख को गंभीर नुकसान पहुंचा है। रंगनाथन की गिरफ्तारी के बाद सूत्रों के हवाले से खबर है कि चेन्नई स्थित उनके कार्यालय को खाली करा लिया गया है, और कर्मचारियों ने रातोंरात वहां से सामान हटा लिया है, जो मामले की गंभीरता को दर्शाता है।

इस मामले ने देश की दवा नियामक प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं और यह सुनिश्चित करने के लिए तत्काल कार्रवाई की आवश्यकता पर प्रकाश डाला है कि फार्मास्यूटिकल कंपनियाँ गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन करें। पुलिस और स्वास्थ्य नियामक एजेंसियां अब इस बात की तह तक जाने की कोशिश कर रही हैं कि कैसे इतनी बड़ी संख्या में बच्चों की मौत के लिए जिम्मेदार यह जहरीला कफ सिरप बाजार तक पहुंचा।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.