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Share Market Update: शेयर बाजार हरे निशान में खुला, निफ्टी में भी आया उछाल

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Posted On:Thursday, June 5, 2025

सप्ताह के तीसरे दिन यानी बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में बढ़त देखने को मिली, जिससे पिछले दो दिनों की गिरावट का दौर थम गया। शुरुआती कारोबार में BSE सेंसेक्स ने 192.73 अंक की बढ़त के साथ 80,930.24 के स्तर पर खुला। वहीं NSE निफ्टी में भी 9.55 अंकों की तेजी दर्ज हुई और यह 24,552.05 पर पहुंच गया। मंगलवार को सेंसेक्स 636.24 अंक यानी 0.78 फीसदी की गिरावट के साथ 80,737.51 पर बंद हुआ था जबकि निफ्टी 174.10 अंक या 0.70 फीसदी की गिरावट के साथ 24,542.50 पर बंद हुआ था। बुधवार को बाजार में तेजी ने निवेशकों के मनोबल को बढ़ावा दिया और गिरावट की कड़ी को तोड़ दिया।


बाजार में तेजी के कारण और असर

पिछले कुछ दिनों से शेयर बाजार में लगातार गिरावट देखी जा रही थी, जो वैश्विक स्तर पर निवेशकों की सतर्कता और आर्थिक अनिश्चितताओं की वजह से थी। हालांकि, बुधवार को एशियाई बाजारों में गिफ्ट निफ्टी समेत मजबूत तेजी देखने को मिली, जिसका सकारात्मक असर भारतीय बाजार पर भी पड़ा। विदेशी निवेशकों के रुझान में सुधार और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने बाजार को मजबूती दी।

इस तेजी ने शेयर बाजार में फिर से निवेशकों का भरोसा बढ़ाया और सेंसेक्स व निफ्टी दोनों ही प्रमुख सूचकांक हरे निशान पर खुलने में सफल रहे। विश्लेषकों का मानना है कि यह बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण ब्रेक माना जा सकता है और आने वाले दिनों में स्थिति में सुधार होने के संकेत मिल सकते हैं।


कौन से शेयर चमके?

बुधवार के कारोबारी सत्र में सेंसेक्स की 30 कंपनियों में से 22 फर्मों ने हरे निशान पर कारोबार किया। प्रमुख शेयरों में HDFC बैंक, HCL टेक्नोलॉजीज, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंफोसिस, टेक महिंद्रा, बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टूब्रो, महिंद्रा एंड महिंद्रा, इंडसइंड बैंक और नेस्ले जैसे दिग्गज शामिल थे, जो मजबूत लिवाली के साथ उभरे।

वहीं, कुछ बड़ी कंपनियां जैसे हिंदुस्तान यूनिलीवर, अदाणी पोर्ट्स, टाटा स्टील, टाइटन, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, कोटक बैंक, ICICI बैंक और सन फार्मा लाल निशान पर कारोबार करती रहीं। निवेशकों ने इनमें से कुछ कंपनियों के शेयर बेचने का भी रुख दिखाया, जिससे ये स्टॉक्स कमजोरी के साथ बंद हुए।


बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी में बिकवाली

हालांकि बाजार में तेजी देखने को मिली, लेकिन कुछ बड़ी कंपनियों ने अपनी हिस्सेदारी बेचने की योजनाएं जारी रखीं। फ्लिपकार्ट ने आदित्य बिरला फैशन एंड रिटेल में 6% हिस्सेदारी करीब 600 करोड़ रुपये में बेचने का प्रस्ताव दिया है। इसके अलावा, एल्केम लैबोरेटरीज के प्रमोटर जयंती सिन्हा ने भी अपनी 2.9% हिस्सेदारी 825 करोड़ रुपये की वैल्यू में बेचने का प्लान बनाया है।

वैश्विक प्राइवेट इक्विटी फर्म कार्लाइल भी व्हीकल सीए डॉन इन्वेस्टमेंट्स और इंडिजेन में अपनी 10.2% हिस्सेदारी 1,420 करोड़ रुपये की वैल्यू में बेच रही है। इसके साथ ही बाजार में यह भी खबरें हैं कि TPG Raise टाटा टेक्नोलॉजीज में अपनी 2% हिस्सेदारी बेचने की योजना में है।

इन हिस्सेदारी की बिक्री से कंपनियों को पूंजी जुटाने में मदद मिलेगी, लेकिन इससे उनके शेयरों पर अल्पकालिक दबाव भी आ सकता है।


वैश्विक घटनाक्रम और उनका असर

वैश्विक बाजारों में भी निवेशकों की निगाहें अमेरिका की ओर टिकी हैं, जहां राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एल्यूमीनियम और स्टील पर लगाए गए आयात शुल्क (टैरिफ) को दोगुना करने का ऐलान किया है। नए फैसले के अनुसार, स्टील और एल्यूमीनियम पर टैरिफ 25% से बढ़ाकर 50% कर दिया जाएगा।

इस निर्णय का मकसद अमेरिकी स्टील इंडस्ट्री की सुरक्षा करना और उसे प्रतिस्पर्धात्मक बढ़त देना बताया जा रहा है। हालांकि, इससे वैश्विक व्यापार और आपूर्ति श्रृंखला पर प्रभाव पड़ने की आशंका भी जताई जा रही है। भारत सहित कई देश इस निर्णय से प्रभावित हो सकते हैं क्योंकि वे स्टील और एल्यूमीनियम का बड़ा निर्यातक हैं।

ऐसे में भारतीय उद्योगों को नई चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है, जिससे संबंधित कंपनियों के शेयरों पर दबाव आ सकता है।


RBI की मौद्रिक नीति पर नजर

इस सप्ताह भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की बैठक भी महत्वपूर्ण रहेगी। बाजार की निगाहें इस बैठक पर टिकी हैं कि RBI रेपो रेट में कोई बदलाव करता है या नहीं। अगर RBI रेपो रेट में कटौती करता है, तो इससे कर्ज सस्ता होगा और बाजार में तरलता बढ़ेगी, जो शेयर बाजार के लिए सकारात्मक संकेत होगा।

वहीं, अगर रेपो रेट स्थिर रहता है या बढ़ता है, तो इससे बाजार में नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। निवेशक इस बैठक के परिणाम का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं ताकि वे अपनी निवेश रणनीतियों को इसके अनुसार ढाल सकें।


निष्कर्ष

बुधवार के कारोबारी सत्र ने शेयर बाजार में गिरावट की कड़ी को तोड़कर निवेशकों के लिए राहत की खबर दी। एशियाई बाजारों की मजबूती और सकारात्मक वैश्विक संकेतों ने सेंसेक्स और निफ्टी को हरे निशान पर पहुंचाया। हालांकि, कुछ बड़ी कंपनियों की हिस्सेदारी बिक्री और अमेरिका के टैरिफ बढ़ाने के फैसले से बाजार के सामने चुनौतियां भी बनी हुई हैं।

आने वाले दिनों में RBI की नीति और वैश्विक घटनाक्रम बाजार के रुख को प्रभावित कर सकते हैं। निवेशकों के लिए यह आवश्यक है कि वे सतर्कता से बाजार की स्थिति पर नजर रखें और निवेश करते समय जोखिम प्रबंधन को प्राथमिकता दें।


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