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जर्मन कोर्ट का बड़ा फैसला: OpenAI ने कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन कर गाने के बोल का किया इस्तेमाल

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Posted On:Wednesday, November 12, 2025

मुंबई, 12 नवंबर, (न्यूज़ हेल्पलाइन) आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) उद्योग की दिग्गज कंपनी OpenAI की मुश्किलें कानूनी मोर्चे पर बढ़ती जा रही हैं। हाल ही में, जर्मनी की एक अदालत ने फैसला सुनाया है कि OpenAI ने अपने AI मॉडल को प्रशिक्षित करने के लिए कॉपीराइट-संरक्षित गीत के बोल (Song Lyrics) का उपयोग करके कॉपीराइट कानूनों का उल्लंघन किया है।

यह फैसला AI द्वारा रचनात्मक सामग्री के उपयोग के संबंध में यूरोपीय संघ (EU) के सख्त कानूनी दृष्टिकोण को रेखांकित करता है और AI कंपनियों के व्यावसायिक मॉडल के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करता है।

GEMA ने दायर किया था मुकदमा

यह मामला जर्मनी के संगीत कॉपीराइट संगठन GEMA द्वारा म्यूनिख जिला अदालत में OpenAI के खिलाफ दायर मुकदमे से संबंधित है। GEMA ने तर्क दिया था कि OpenAI के AI चैटबॉट, ChatGPT, ने उचित लाइसेंस प्राप्त किए बिना और रॉयल्टी का भुगतान किए बिना, कॉपीराइट से संरक्षित गीतों की सामग्री की अनधिकृत रूप से नकल और उपयोग किया है।

GEMA का यह मुकदमा OpenAI के अमेरिकी (OpenAI LLC) और यूरोपीय (OpenAI Ireland Ltd) दोनों संस्थाओं के खिलाफ दायर किया गया था।

GEMA के CEO डॉ. टोबियास होल्ज़मुलर ने इस बात पर जोर दिया था कि "हमारे सदस्यों का काम AI कंपनियों के व्यावसायिक मॉडल का मुफ्त कच्चा माल नहीं है।"

संगठन के एक अध्ययन के अनुसार, जेनरेटिव AI सेवाएँ रचनाकारों की आय में 27% तक की कमी ला सकती हैं, जो कलाकारों के वित्तीय भविष्य के लिए गंभीर चिंता का विषय है।

फैसला और AI उद्योग पर इसका प्रभाव

जर्मन अदालत का यह फैसला वैश्विक स्तर पर "फेयर यूज़" (Fair Use) और "कॉपीराइट" के बीच चल रही बहस को यूरोप में एक नया आयाम देता है।

यूरोपीय कानून की सख्ती: अमेरिकी अदालतें अक्सर "फेयर यूज़" के बचाव को स्वीकार करती हैं, जिससे कुछ मुफ्त उपयोग की अनुमति मिल जाती है। हालांकि, यूरोपीय कानून अधिक सख्त है और AI कंपनियों को संरक्षित कार्यों का उपयोग करने के लिए कॉपीराइट धारकों से स्पष्ट अनुमति प्राप्त करना आवश्यक होता है। जर्मन कोर्ट का यह निर्णय यूरोपीय कानूनी ढांचे को मज़बूती प्रदान करता है।

लाइसेंसिंग ढांचे की मांग: GEMA जैसे संगठन अब एक AI सिस्टम लाइसेंसिंग फ्रेमवर्क की मांग कर रहे हैं, जिसके तहत AI मॉडल को कॉपीराइट शुल्क के रूप में अपनी शुद्ध आय का एक हिस्सा (जैसे 30%) रचनाकारों को देना होगा।

OpenAI का तर्क: OpenAI का दावा है कि उसके मॉडल सार्वजनिक डेटा का उपयोग करके प्रशिक्षित किए गए हैं और सभी प्रक्रियाएँ कानूनी और नैतिक मानकों के अनुरूप थीं। हालांकि, इस विशिष्ट जर्मन मामले पर कंपनी ने अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है।

यह मुकदमा केवल गीतों के उपयोग से संबंधित नहीं है, बल्कि यह समाचार लेखों, पुस्तकों और अन्य संरक्षित सामग्री के प्रबंधन को भी प्रभावित कर सकता है। इस फैसले के परिणाम भविष्य में AI उद्योग के विकास और कॉपीराइट के नियमों पर गहरा प्रभाव डाल सकते हैं।

भारत में भी जारी है कानूनी संघर्ष

OpenAI के खिलाफ कॉपीराइट उल्लंघन के मुकदमे दुनिया भर में चल रहे हैं, और भारत भी इसका अपवाद नहीं है:

मीडिया हाउसेज: समाचार एजेंसी एशियन न्यूज़ इंटरनेशनल (ANI) ने दिल्ली हाई कोर्ट में OpenAI के खिलाफ मुकदमा दायर किया है, जिसमें आरोप लगाया गया है कि ChatGPT को प्रशिक्षित करने के लिए उसकी कॉपीराइट सामग्री का उपयोग किया गया है।

संगीत और प्रकाशन: भारत की प्रमुख म्यूजिक कंपनियाँ (जैसे T-Series, Saregama) और प्रकाशक (जैसे रूपा पब्लिकेशन्स) भी OpenAI पर बिना अनुमति के उनकी सामग्री का उपयोग करने का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई में शामिल हो गए हैं।

जर्मनी की अदालत का यह फैसला भारत सहित अन्य देशों में लंबित मुकदमों के लिए एक महत्वपूर्ण मिसाल (Precedent) कायम कर सकता है और AI कंपनियों के लिए डेटा संग्रहण और उपयोग को लेकर नए दिशानिर्देशों को जन्म दे सकता है।


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