ताजा खबर
दीपिका पादुकोण और रणवीर सिंह फिर बने माता-पिता, घर आई नन्ही परी; दुआ को मिली छोटी बहन   ||    ग्लोबल सिटीज इंडेक्स में अहमदाबाद 571वें स्थान पर, अर्थव्यवस्था में बेहतर लेकिन पर्यावरण-जीवन स्तर म...   ||    हिसार से जम्मू और अहमदाबाद के लिए शुरू होगी सीधी उड़ान, 27 अक्टूबर से सेवा शुरू होने की उम्मीद   ||    भगवंत मान सरकार का बड़ा फैसला: पंजाब के 8 लाख कर्मचारियों और पेंशनर्स का डीए 8% बढ़ा   ||    नंदीग्राम उपचुनाव में ममता बनर्जी का कांग्रेस उम्मीदवार को समर्थन, गिरफ्तारी के बाद बंगाल की सियासत ...   ||    उत्तर कोरिया के परमाणु परीक्षणों का साइड इफेक्ट: माउंट मंटाप के नीचे तेजी से बढ़ रहे हैं भूकंप, वैज्...   ||    चंडीगढ़ में अनोखा 'आईफोन लंगर': फ्री में मिलेगा आईफोन, जानें क्या है पूरा प्लान   ||    टाटा सन्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग और टाटा ग्रुप के शेयरों में हलचल   ||    म्यूचुअल फंड्स की पसंद: जिन शेयरों ने दिया जबरदस्त रिटर्न   ||    ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी लाएंगे ‘राम बोला’, तुलसीदास की जीवनगाथा पर होगी अगली फिल्म   ||   

मध्यप्रदेश-राजस्थान में बारिश का ऑरेंज अलर्ट, हिमाचल में 200 सड़कें बंद, जानें IMD का लेटेस्ट अपडेट

Photo Source :

Posted On:Friday, July 11, 2025

देशभर में मानसून अब पूरी तरह सक्रिय हो गया है। जुलाई के पहले सप्ताह से ही उत्तर भारत के अधिकतर हिस्सों में तेज बारिश का सिलसिला लगातार जारी है। राजधानी दिल्ली, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड और हिमाचल जैसे राज्यों में भारी बारिश के कारण बाढ़ और भूस्खलन जैसी स्थिति बन चुकी है।

बारिश जहां एक तरफ किसानों के लिए राहत और खेती के लिए वरदान बनकर आई है, वहीं दूसरी ओर शहरी क्षेत्रों में जलभराव, पहाड़ों में लैंडस्लाइड और बाढ़ जैसी आपदाएं परेशानी का सबब बन गई हैं।


दिल्ली-एनसीआर में हालात गंभीर

राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर में मूसलाधार बारिश के कारण कई इलाकों में सड़कें जलमग्न हो गईं। गुरुग्राम, फरीदाबाद, नोएडा और गाजियाबाद जैसे इलाकों में पानी भरने से लोगों को घंटों जाम और जलभराव से जूझना पड़ा। कई कॉलोनियों में लोग घरों में कैद होकर रह गए हैं।


हिमाचल में तबाही, 46 की मौत

हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश का कहर जारी है। राज्य के कई इलाकों में बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से अब तक 46 लोगों की मौत हो चुकी है200 से ज्यादा सड़कें बंद हो चुकी हैं, जिससे कई गांवों का संपर्क टूट गया है।

राज्य के सिरमौर, कांगड़ा, मंडी और चंबा जिलों में हालात बेहद खराब हैं। एनडीआरएफ की टीमें राहत और बचाव कार्य में जुटी हैं। मौसम विभाग ने सिरमौर और कांगड़ा में भारी बारिश का रेड अलर्ट जारी किया है।


22 राज्यों में येलो अलर्ट

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने उत्तराखंड, दिल्ली, राजस्थान, मध्य प्रदेश, झारखंड, ओडिशा, छत्तीसगढ़ समेत 22 राज्यों में आज येलो अलर्ट जारी किया है। इसका मतलब है कि इन राज्यों में भारी बारिश होने की आशंका है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो सकता है।


यूपी-राजस्थान में ऑरेंज अलर्ट

IMD ने उत्तर प्रदेश और पूर्वी राजस्थान में आज ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। ऑरेंज अलर्ट का मतलब होता है कि मौसम से जुड़ी स्थिति गंभीर हो सकती है और प्रशासन को सतर्क रहने की जरूरत है।

उत्तराखंड में 15 और 16 जुलाई को ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं, जम्मू-कश्मीर में 14 से 17 जुलाई, पश्चिमी यूपी में 11 से 15 जुलाई और दक्षिण हरियाणा में आज भारी बारिश होने की संभावना जताई गई है।


मध्य और पूर्वी भारत में मानसून का कहर

मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, बिहार, ओडिशा, पश्चिम बंगाल और गुजरात में भी मानसून ने रफ्तार पकड़ ली है।

  • मध्य प्रदेश: 11 से 17 जुलाई तक भारी बारिश की संभावना

  • छत्तीसगढ़: 11 से 14 जुलाई तक

  • झारखंड: 11 से 15 जुलाई तक

  • ओडिशा: 11 से 16 जुलाई तक

  • बिहार: 11, 15 और 16 जुलाई को भारी बारिश

  • गुजरात: 12 से 17 जुलाई तक

  • गोवा: 13 से 15 जुलाई तक


पिछले 24 घंटों में कहां हुई बारिश?

पिछले 24 घंटों में पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अच्छी बारिश दर्ज की गई है।

  • मिर्जापुर, सोनभद्र और बांदा में मध्यम से भारी बारिश हुई।

  • पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सीधी, सिंगरौली और अमरपाटन में भारी बारिश की रिपोर्ट है।

  • राजस्थान के जयपुर, धौलपुर और झुंझुनूं में 8 से 10 मिमी. तक बारिश रिकॉर्ड की गई है।


खेती के लिए राहत, लेकिन सतर्कता जरूरी

जहां एक ओर बारिश धान, गन्ना और खरीफ फसलों के लिए लाभदायक है, वहीं दूसरी ओर जलभराव और फसलें गलने का भी खतरा बढ़ गया है। ग्रामीण क्षेत्रों में किसान बारिश से खुश हैं, लेकिन लंबे समय तक बारिश जारी रहने पर नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है।


निष्कर्ष

मानसून का यह दौर अगले कुछ हफ्तों तक जारी रहेगा और देश के अधिकतर हिस्सों में मौसम का मिजाज बिगड़ा हुआ रहेगा। ऐसे में नागरिकों को मौसम विभाग के अलर्ट को गंभीरता से लेने और स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।

प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें सतर्क हैं, लेकिन समय पर चेतावनी और नागरिकों की जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार साबित हो सकता है इस मौसम में जान और माल की रक्षा करने में।


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें



मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.