ताजा खबर
आईआईएम अहमदाबाद में 100% प्लेसमेंट, ग्लोबल कंपनियों ने दिया शानदार ऑफर   ||    अहमदाबाद एसिड अटैक केस में पति निकला हमलावर, पुलिस ने किया गिरफ्तार   ||    सस्ते स्टील का झांसा, 25 लाख की ठगी; साइबर पुलिस ने पूरी रकम कराई वापस   ||    एसजी हाईवे पर हिट एंड रन, कार में फंसी बाइक लेकर भागा चालक   ||    IIM अहमदाबाद ने GMP 2026 के लिए आवेदन शुरू किए, ग्लोबल प्रोफेशनल्स को मिलेगा मौका   ||    मैट्रोमोनियल ठगी का बड़ा खुलासा, शादी के नाम पर 40 महिलाओं को बनाया शिकार   ||    राम गोपाल वर्मा ने ‘धुरंधर 2’ को बताया गेम-चेंजर, कहा – “गॉडफादर का भी गॉडफादर”   ||    अहमदाबाद में युवक की बेरहमी से हत्या, गिरफ्तारी की मांग पर अड़े परिजन   ||    अफवाहों से मचा पेट्रोल संकट का डर, एमपी-गुजरात में लगी लंबी कतारें   ||    गुजरात में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह से हड़कंप, सीएम-डिप्टी सीएम ने किया साफ   ||   

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हल्दिया बल्क टर्मिनल राष्ट्र को किया समर्पित, पूर्वी तट की लॉजिस्टिक्स क्षमता होगी मजबूत

अहमदाबाद न्यूज डेस्क%3A प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के हल्दिया बल्क टर्मिनल का उद्घाटन कर इसे राष्ट्र को समर्पित किया। यह आधुनिक टर्मिनल हुगली नदी के किनारे बनाया गया है और इसे हर साल लगभग 4 मिलियन मीट्रिक टन सूखे बल्क कार्गो को संभालने की क्षमता के साथ तैयार किया गया है। यह पूरी तरह स्वचालित सुविधा है और इसमें सीधे रेलवे कनेक्शन भी उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे पूर्वी समुद्री मार्ग में माल ढुलाई को नया आधार मिलेगा।

यह टर्मिनल हल्दिया डॉक कॉम्प्लेक्स के अंतर्गत विकसित किया गया है, जो श्यामा प्रसाद मुखर्जी पोर्ट कोलकाता का हिस्सा है। परियोजना को 30 वर्ष की रियायत अवधि के तहत डिजाइन, निर्माण, वित्त, संचालन और हस्तांतरण (DBFOT) मॉडल पर विकसित किया गया है। इसे अडानी पोर्ट्स एंड स्पेशल इकोनॉमिक ज़ोन लिमिटेड द्वारा तय समयसीमा के भीतर तैयार किया गया, जिससे कंपनी की परियोजनाओं को समय पर पूरा करने की क्षमता भी सामने आई।

रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इस टर्मिनल को आयातित कोयला और अन्य सूखे बल्क माल जैसे बॉक्साइट और चूना पत्थर संभालने के लिए तैयार किया गया है। भारत के पूर्वी तट से लगभग 60 प्रतिशत सूखे बल्क आयात होते हैं, इसलिए यह टर्मिनल पश्चिम बंगाल, ओडिशा और झारखंड के इस्पात, एल्युमिनियम और ऊर्जा उद्योगों के लिए बेहद अहम साबित होगा। इससे माल ढुलाई की लागत कम होगी और उद्योगों को कच्चे माल की आपूर्ति तेज़ी से हो सकेगी।

परियोजना के तहत 2000 टन क्षमता वाली रेलवे वैगन लोडिंग प्रणाली, 1.54 किलोमीटर लंबी समर्पित रेलवे लाइन, आधुनिक कन्वेयर सिस्टम, दो स्टैकर-कम-रिक्लेमर मशीनें और दो मोबाइल हार्बर क्रेन स्थापित की गई हैं। इन सुविधाओं की मदद से जहाज से उतारा गया माल सीधे रेलवे वैगनों में लोड होकर मुख्य रेल मार्ग से जुड़ सकेगा, जिससे बंदरगाह पर लगने वाला समय और परिवहन लागत दोनों कम होंगे। यह परियोजना केंद्र सरकार के सागरमाला कार्यक्रम और पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान की परिकल्पना को भी मजबूती देती है।
 

Posted On:Saturday, March 14, 2026


अहमदाबाद और देश, दुनियाँ की ताजा ख़बरे हमारे Facebook पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें,
और Telegram चैनल पर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें

You may also like !

मेरा गाँव मेरा देश

अगर आप एक जागृत नागरिक है और अपने आसपास की घटनाओं या अपने क्षेत्र की समस्याओं को हमारे साथ साझा कर अपने गाँव, शहर और देश को और बेहतर बनाना चाहते हैं तो जुड़िए हमसे अपनी रिपोर्ट के जरिए. ahmedabadvocalsteam@gmail.com

Follow us on

Copyright © 2021  |  All Rights Reserved.

Powered By Newsify Network Pvt. Ltd.